वसई-विरार महानगरपालिका का विवादित प्रभाग रचना प्रस्ताव निलंबित, महाराष्ट्र सरकार का फैसला |

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नगर विकास विभाग ने जनहित और प्रशासनिक कठिनाइयों का हवाला देकर की कार्रवाई; संबंधित पक्ष 30 दिनों के भीतर अपना पक्ष रख सकेंगे

वसई-विरार | तृप्ति प्रमाण

वसई-विरार शहर महानगरपालिका की आम सभा में मंजूर किए गए प्रभाग रचना प्रस्ताव को महाराष्ट्र सरकार ने निलंबित कर दिया है। नगर विकास विभाग ने इस प्रस्ताव को महानगरपालिका के आर्थिक, प्रशासनिक और व्यापक जनहित के प्रतिकूल मानते हुए यह कार्रवाई की है। सरकारी निर्णय के बाद प्रभाग समितियों की सीमाओं में बदलाव को लेकर जारी विवाद पर फिलहाल विराम लगा है।

20 मार्च की आम सभा में मंजूर हुआ था प्रस्ताव

महानगरपालिका की 20 मार्च 2026 को हुई आम सभा में प्रस्ताव क्रमांक 03 के तहत प्रभाग समितियों की सीमाओं में बदलाव को मंजूरी दी गई थी। इस प्रस्ताव के अनुसार, नवगठित नौ प्रभाग समितियों में से सात की सीमाओं में परिवर्तन किया गया था।

प्रभाग समिति ‘ए’ का क्षेत्रफल लगभग दोगुना

प्रस्ताव के तहत प्रभाग समिति ‘ए’ का क्षेत्रफल बढ़ाकर लगभग 65.68 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया था। इससे पहले महानगरपालिका के आम चुनाव के समय इसका क्षेत्रफल करीब 33.43 वर्ग किलोमीटर था।

इसी तरह, प्रभाग समिति ‘बी’ का क्षेत्रफल बढ़कर 12.52 वर्ग किलोमीटर हो गया था। संबंधित क्षेत्र से रेलवे लाइन गुजरने के कारण नागरिकों को असुविधा होने और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।

महानगरपालिका आयुक्त ने सरकार को भेजा था पत्र

इन परिस्थितियों को देखते हुए महानगरपालिका आयुक्त ने 1 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकार को पत्र भेजा था। इसमें प्रस्ताव को जनहित और प्रशासनिक दृष्टि से अनुचित बताया गया था।

आयुक्त की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद नगर विकास विभाग ने महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम, 1949 की धारा 451(1) के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए प्रस्ताव को निलंबित करने का निर्णय लिया।

संबंधित पक्षों को 30 दिनों में पक्ष रखने का अवसर

सरकारी जानकारी के अनुसार, संबंधित पक्ष महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 451(2) के तहत 30 दिनों के भीतर राज्य सरकार के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं।

इस प्रावधान के तहत संबंधित पक्षों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। आगे की स्थिति सरकार के समक्ष रखे जाने वाले पक्ष और संबंधित प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

अब आगे क्या होगा?

महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय से प्रभाग समितियों की सीमाओं में बदलाव से जुड़ा मामला फिलहाल निलंबित हो गया है। अब संबंधित पक्षों के जवाब और आगे की सरकारी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

नोट: यह समाचार उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। सरकारी आदेश के विस्तृत पाठ की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है।

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