कैलास लक्ष्मण उमटोल के घायल मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस ने किया घटनास्थल का निरीक्षण; क्षेत्र में गश्त, जनजागरूकता और सुरक्षा अभियान तेज
पालघर, 28 अक्टूबर 2026 | तृप्ति प्रमाण
पालघर तालुका के उमरोली क्षेत्र में 27 अक्टूबर 2026 की रात कैलास लक्ष्मण उमटोल निवासी टोकरेपाड़ा, पडघा घायल अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का पंचनामा किया। घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वन विभाग के प्रारंभिक निरीक्षण में तेंदुए के पगमार्क नहीं मिले हैं। ऐसे में फिलहाल तेंदुए के हमले की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
घटनास्थल से बिजली के खंभे और कटी तारें मिलीं
घटनास्थल का निरीक्षण दो स्वतंत्र पंचों की मौजूदगी में सरपंच और ग्रामीणों की सहभागिता से किया गया। निरीक्षण के दौरान बिजली के खंभे और कटी हुई तारें मिलीं। कुछ तारें हाल ही में काटे जाने के संकेत भी मिले हैं।
घटनास्थल पर कटर और अन्य सामग्री मिलने के बाद इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है। संबंधित साक्ष्यों को जब्त कर सुरक्षित रखा गया है। पंचनामा करते समय की गई GPS रिकॉर्डिंग से घटनास्थल का सटीक नक्शा तैयार करने में मदद मिल रही है।
तेंदुए के हमले की पुष्टि नहीं
प्रारंभिक निरीक्षण में कैलास उमटोल के पैर में चोट दिखाई दी। चिकित्सा अधिकारी होम टोल के अनुसार, घायल व्यक्ति का अस्पताल में इलाज जारी है। वन विभाग और पुलिस की टीम ने प्राथमिक सहायता के बाद उनके आगे के उपचार की व्यवस्था की।
घायल व्यक्ति ने प्रारंभिक जानकारी में तेंदुए के हमले का उल्लेख किया है। हालांकि, वन विभाग की जांच के दौरान तेंदुए के पगमार्क नहीं मिले। इसलिए अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि चोट वन्यजीव के हमले से लगी थी। आगे की जांच और संबंधित लोगों के बयान के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वन्यजीव के हमले में मुआवजे की प्रक्रिया
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वन्यजीव के हमले में किसी व्यक्ति के घायल होने या मृत्यु की स्थिति में मुआवजे की प्रक्रिया सरकार के वर्ष 2024 के राजपत्र में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार होती है।
इसके लिए घटना की लिखित सूचना नजदीकी वनरक्षक को देनी होती है। घटना के 48 घंटे के भीतर निर्धारित प्रारूप-1 में आवेदन वनक्षेत्रपाल के पास जमा करना आवश्यक बताया गया है। इसके बाद पूर्ण दस्तावेजों वाले मामले को मंजूरी के लिए सहायक वन संरक्षक के पास भेजा जाता है।
मुआवजे के लिए यह स्थापित होना आवश्यक है कि घटना वन्यजीव के हमले के कारण हुई थी। उपलब्ध जानकारी में यह भी कहा गया है कि यदि घटना के समय संबंधित व्यक्ति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहा हो, तो मुआवजा नहीं दिया जाता। आवेदन और पात्रता से संबंधित शर्तों की पुष्टि संबंधित वन विभाग से करना जरूरी है।
वन विभाग की गश्त और जनजागरूकता अभियान जारी
घटना के बाद वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक भय न पालें, सतर्क रहें और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
जनजागरूकता के लिए कचरा संग्रहण वाहनों पर लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से सावधानी संबंधी संदेश दिए जा रहे हैं। मंदिरों, मस्जिदों और अन्य प्रार्थना स्थलों से भी जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। गांवों के चौराहों, प्रवेश मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं।
नगर परिषद की सीमा से सटी अंबाड़ी, शेलवाली और चहाड़े ग्राम पंचायतों से गांवों में मुनादी कराने का अनुरोध किया गया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी गांवों के चौराहों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं और नागरिकों की शंकाओं का समाधान कर रहे हैं।
सड़कों पर रोशनी और झाड़ियों की सफाई की अपील
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों के लिए खंड विकास अधिकारी तथा पालघर नगर परिषद के मुख्याधिकारी से आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।
अंधेरी सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने और बढ़ी हुई झाड़ियों तथा घास को हटाने की आवश्यकता बताई गई है। इन उपायों से लोगों की आवाजाही के दौरान दृश्यता और सुरक्षा बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
क्षेत्र में धान की कटाई का मौसम चल रहा है। ऐसे में वन विभाग ने किसानों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
विभाग की ओर से स्थानीय स्तर पर कुछ उपाय सुझाए गए हैं, जिनमें खराब तेल और सूखी मिर्च को बोरे में रखकर लंबी छड़ी से बांधकर धुआं करने का उपाय भी शामिल है। हालांकि, खेतों और मेड़ों पर सूखी घास तथा पुआल होने के कारण आग लगने का खतरा हो सकता है। इसलिए आग से जुड़े किसी भी उपाय को बिना सुरक्षित, आधिकारिक मार्गदर्शन के नहीं अपनाना चाहिए।
तेंदुए की संभावित गतिविधि वाले क्षेत्रों में पटाखे फोड़ने का उपाय भी सुझाया गया है। इस संबंध में नागरिकों, बुजुर्गों, मरीजों और पालतू जानवरों को परेशानी न हो, इसका ध्यान रखने की बात कही गई है। किसी भी स्थिति में वन विभाग के निर्देशों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
वन विभाग ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:
- अंधेरा होने के बाद सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचें।
- छोटे बच्चों को जंगल के आसपास अकेले खेलने न दें।
- पालतू पशुओं को सुरक्षित और बंद बाड़े में रखें।
- घर के आसपास बचा हुआ भोजन खुले में न फेंकें; उसे कूड़ेदान या कचरा संग्रहण वाहन में डालें।
- खेतों में जाते समय टॉर्च साथ रखें और आसपास के वातावरण के प्रति सतर्क रहें।
- वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें।
- तेंदुए या किसी अन्य वन्यजीव की गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करें।
थर्मल ड्रोन, कैमरा ट्रैप और श्वान दल की मदद
डहाणू के उपवन संरक्षक (प्रादेशिक) निरंजन दिवाकर ने कहा, “नागरिकों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। थर्मल ड्रोन, कैमरा ट्रैप और श्वान दल जैसे आधुनिक उपकरणों से तलाशी अभियान को काफी मजबूती मिली है। तेंदुआ अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव है। इसलिए मनुष्य और वन्यजीव, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। नागरिक घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। वन विभाग हर समय उनके साथ है।”
वन विभाग के अनुसार, कर्मचारी दिन-रात अभियान में जुटे हैं और उन्हें नागरिकों का सहयोग भी मिल रहा है। क्षेत्र में गश्त, जांच और जनजागरूकता के प्रयास लगातार जारी हैं।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा घटना का कारण
उमरोली में कैलास लक्ष्मण उमटोल के घायल मिलने के मामले में फिलहाल तेंदुए के हमले का ठोस सबूत नहीं मिला है। घटनास्थल पर मिली कटी तारों और अन्य सामग्री की जांच भी महत्वपूर्ण है। घटना का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
संपादकीय नोट: मुआवजे की प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित है। इन्हें लागू करने से पहले संबंधित वन विभाग के आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि करें।


