पालघर, 22 अप्रैल (तृप्ति प्रमाण): पालघर जिले के बोईसर-तारापुर एमआईडीसी क्षेत्र में पुलिस और डायल 112 आपातकालीन सेवा की त्वरित कार्रवाई ने एक युवक की जान बचाई है। यह घटना इंसानियत और पुलिस की तत्परता की मिसाल पेश करती है।
घटना का विवरण:
क्षेत्र में एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें 26 वर्षीय रितेश यादव गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे बेहोश पड़ा था। पीड़ित के सिर से तेज़ी से रक्तस्राव हो रहा था और उसकी स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही थी। स्थानीय नागरिकों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम ने टीम को अलर्ट किया। पुलिस हवलदार संदीप कदम बिना समय गंवाए मौके के लिए रवाना हुए और मात्र 6 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने घायल युवक को तुरंत एक निजी वाहन के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
समय पर उपचार से बची जान:
चिकित्सालय प्रशासन के अनुसार, घायल युवक को घटना के करीब 15 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे डॉक्टरों को समय पर उपचार शुरू करने का अवसर मिला। चिकित्सा टीम का कहना है कि यदि कुछ मिनट की भी देरी होती, तो युवक की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था।
चिकित्सीय स्थिति:
घायल युवक की पहचान रितेश यादव (26 वर्ष) के रूप में की गई है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, युवक के सिर पर कई टांके लगाए गए हैं और उसके हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। वर्तमान में युवक का उपचार चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका:
इस राहत अभियान में बोईसर के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव और उनकी टीम की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस निरीक्षक जाधव ने बताया कि नागरिकों द्वारा समय पर दी गई सूचना और डायल 112 सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया ने इस राहत कार्य को सफल बनाया।
परिजनों की प्रतिक्रिया:
घटना के बाद युवक के परिजनों ने पुलिस टीम के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। रितेश के पिता ने भावुक होकर कहा, “पुलिस हमारे लिए भगवान बनकर आई।”
नागरिकों से अपील:
पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 सेवा का तुरंत उपयोग करें। समय पर की गई एक कॉल किसी की भी जिंदगी बचा सकती है।
निष्कर्ष:
यह घटना पुलिस की तत्परता, डायल 112 सेवा की प्रभावशीलता और नागरिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। पालघर पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई ने साबित किया है कि आपातकालीन स्थितियों में समय पर कार्रवाई जान बचा सकती है।