पालघर:
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना-2026’ के अंतर्गत पालघर जिले के किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने जा रही है। जिले के पात्र कृषि ऋण खातों का कुल 105 करोड़ 10 लाख 70 हजार रुपये का कर्ज माफ किया जाएगा। अब तक जिले के 5,394 किसान अपना आधार प्रमाणीकरण (सत्यापन) पूरा कर चुके हैं। जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने शेष बचे 5,090 किसानों से भी जल्द से जल्द सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
2 लाख रुपये तक का फसल ऋण होगा माफ
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने योजना के प्रमुख दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसानों का 2 लाख रुपये तक का फसल ऋण पूरी तरह माफ किया जाएगा। यह छूट 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच स्वीकृत किए गए फसल ऋण एवं पुनर्गठित ऋणों पर लागू होगी, बशर्ते 30 सितंबर 2025 तक ऋण बकाया हो और 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान न किया गया हो।
वन टाइम सेटलमेंट (OTS) और प्रोत्साहन अनुदान
जिन किसानों का बकाया ऋण 2 लाख रुपये से अधिक है, उनके लिए राज्य सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट (OTS) की सुविधा प्रदान की है। ऐसे किसान यदि अतिरिक्त राशि का भुगतान 31 मार्च 2027 तक कर देते हैं, तो उन्हें भी 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, जिन किसानों ने अपना ऋण समय पर चुकाया है, उन्हें सरकार की ओर से 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा।
विभिन्न तालुकों की स्थिति
योजना के पहले चरण में पालघर जिले के कुल 10,484 ऋण खातों को आधार सत्यापन के लिए चिन्हित किया गया है। वाडा, पालघर, विक्रमगढ़, मोखाडा और डहाणू तालुकों में सत्यापन का काम तेजी से हुआ है। वहीं, मोखाडा, डहाणू, तलासरी और जव्हार तालुकों में अभी भी बड़ी संख्या में किसानों का आधार सत्यापन बाकी है।
जिला प्रशासन ने सभी पात्र किसानों से आग्रह किया है कि वे नजदीकी सेवा केंद्र पर जाकर निर्धारित समय सीमा में अपना आधार प्रमाणीकरण अवश्य पूरा करा लें ताकि कर्जमाफी का लाभ बिना किसी अड़चन के उनके खातों में पहुँच सके।