पालघर: मौसम विभाग (IMD) द्वारा पालघर जिले में जारी किए गए ‘अत्यधिक भारी बारिश’ के अलर्ट के बीच महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रभावित इलाकों का तूफानी दौरा किया। पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश की वजह से जिले के कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे स्थानीय जनजीवन और सड़क यातायात बुरी तरह चरमरा गया है। मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए।
जव्हार और मनोर में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे मंत्री
दौरे के दौरान मंत्री गिरीश महाजन ने जव्हार और मनोर सहित कई गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने पालघर-जव्हार मार्ग पर विक्रमगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले पाचमाड नाले के फ्लाईओवर का भी मुआयना किया और वहां जलभराव की स्थिति की जानकारी ली। इस समीक्षा दौरे में उनके साथ क्षेत्रीय सांसद हेमंत सावरा, जिलाधिकारी डॉ. इंदूराणी जाखड़, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख और विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
1,200 लोगों को सुरक्षित निकाला, हादसों में 10 लोगों की मौत
जिलाधिकारी डॉ. इंदूराणी जाखड़ ने आपदा प्रबंधन मंत्री को बताया कि प्रशासन ने अब तक मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 1,200 नागरिकों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट कर दिया है। इन राहत कैंपों में लोगों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल और दवाइयों का पर्याप्त इंतजाम किया गया है। हालांकि, जिलाधिकारी ने एक दुखद आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि जिले में भारी बारिश और बाढ़ से जुड़ी अलग-अलग दुर्घटनाओं में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है।
बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक अध्ययन
नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मंत्री गिरीश महाजन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर हाल में जनहानि को रोका जाए और प्रभावितों तक तुरंत मदद पहुंचाई जाए। पालघर में हर साल आने वाली इस प्राकृतिक आपदा पर बोलते हुए उन्होंने एक बड़ा एलान किया। मंत्री ने कहा कि पालघर जिले में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या का परमानेंट इलाज खोजने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग एक नामी और प्रतिष्ठित संस्थान से इसका वैज्ञानिक अध्ययन (Scientific Study) कराएगा। इस अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार क्षेत्र में दीर्घकालिक और ठोस योजनाएं लागू करेगी।
बांध की सुरक्षा और ग्रामीणों की मांग पर त्वरित एक्शन
दौरे के अगले चरण में मंत्री ने माहीम-केलवा (झांझरोली) बांध का निरीक्षण किया, जहां भारी बारिश के कारण मिट्टी के भराव वाली पिचिंग को नुकसान पहुंचा था। उन्होंने जल संसाधन विभाग द्वारा किए जा रहे मरम्मत कार्यों की समीक्षा की और भविष्य में ऐसी चूक न होने देने की हिदायत दी। इसके बाद उन्होंने मात्रेवाड़ी और केलवा-माहीम बांध के पास के गांवों में जाकर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों की मांग को देखते हुए उन्होंने दो बस्तियों को जोड़ने वाले नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव तुरंत तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश जिलाधिकारी को दिया।