अंबेडकरनगर/जौनपुर: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में यूपी एसटीएफ (UP STF) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मंगलवार तड़के अंबेडकरनगर में हुई एक भीषण पुलिस मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी और कुख्यात अपराधी आसिफ अली को मार गिराया। आसिफ पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आतंक का पर्याय बने ‘छैमार गैंग’ को चलाने का आरोप था
जगदीशपुर इलाके में हुई मुठभेड़, एक सिपाही भी घायल
एसटीएफ को खुफिया जानकारी मिली थी कि शातिर अपराधी आसिफ अली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से अंबेडकरनगर के जगदीशपुर क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की, तो खुद को घिरा देख आसिफ ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
इस गोलीबारी में पुलिस का एक सिपाही घायल हो गया। एसटीएफ ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आसिफ अली के सीने में दो गोलियां लगीं। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक पिस्टल, 12 बोर का तमंचा और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
तीन राज्यों में दर्ज थे 20 संगीन मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मारे गए बदमाश आसिफ अली का अपराध का ग्राफ बेहद चौंकाने वाला है। उस पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में हत्या, डकैती, और लूट जैसे करीब 20 संगीन मामले दर्ज थे। वह सुल्तानपुर, कौशांबी, मुजफ्फरनगर, और कानपुर देहात सहित कई जिलों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और लंबे समय से वांछित चल रहा था।
रेकी के बाद रात में कच्छा-बनियान पहनकर देता था वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया है कि आसिफ अली कुख्यात ‘छैमार गैंग’ का सरगना था। इस गैंग के काम करने का तरीका बेहद खौफनाक था। गिरोह के सदस्य दिन में घूम-घूम कर घरों की रेकी करते थे और रात के अंधेरे में कच्छा-बनियान पहनकर डकैती की वारदातों को अंजाम देते थे। अगर घर का कोई सदस्य विरोध करता, तो ये बेरहमी से उसकी हत्या कर देते थे। वारदात के बाद गिरोह के सदस्य अपनी पहचान और नाम बदलकर दूसरे राज्यों या जिलों में छिप जाते थे।
जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में भी इस गैंग ने डकैती के दौरान दो महिलाओं की बेरहमी से हत्या कर दी थी, जिसके बाद जौनपुर पुलिस ने आसिफ पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
नेटवर्क तोड़ने में जुटी पुलिस
अधिकारियों के मुताबिक, साल 2015 के आसपास आसिफ का परिवार कानपुर के मकनपुर गांव में अस्थायी झोपड़ी बनाकर रहता था, लेकिन खाड़ामऊ गांव की एक चर्चित हत्या और डकैती के बाद पूरा परिवार वहां से फरार हो गया था। इससे पहले पुलिस ने इसी साल फरवरी में उसके एक करीबी रिश्तेदार काल्लू उर्फ फिरोज को भी गिरफ्तार किया था। एसटीएफ और पुलिस का मानना है कि आसिफ के सफाए से इस कुख्यात छैमार गैंग की कमर टूट गई है। फिलहाल, गिरोह के बाकी बचे सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।