पालघर

🚨 पालघर में मूसलाधार बारिश का तांडव: कई गांव जलमग्न, 1,150 से अधिक लोग रेस्क्यू, हादसे में 3 की दर्दनाक मौत |

पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। बाढ़ जैसी विकराल स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।

तलासरी, पालघर और डहाणू तहसील के दर्जनों गांव—जिनमें बोर्डी, चिखले, नागझरी, कोकनेर, चिंचणी, गिरगांव और घिमनिया शामिल हैं—पानी की चपेट में आ चुके हैं।

प्रशासन का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोग

आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 284 परिवारों के 1,155 निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इन सभी प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों और शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उनके लिए नि:शुल्क भोजन, साफ पानी, आवश्यक दवाइयां और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिन इलाकों से पानी उतर रहा है, वहां नुकसान का आकलन (पंचनामा) शुरू कर दिया गया है ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता राशि दी जा सके।

3 लोगों की गई जान, परिवारों में मातम

बारिश और बाढ़ के कारण डहाणू इलाके में तीन दुखद हादसे सामने आए हैं। आगवण गांव के रहने वाले जगदीश वासन मच्छी (39) तेज बहाव में बह गए, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर, आंबेवाड़ी के रुपेश पांडुरंग धाडगा (30) खेत जाते समय पैर फिसलने से पानी में समा गए। तीसरे मृतक की शिनाख्त की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा की जा रही है।

सरकारी संपत्ति और बुनियादी ढांचे को करोड़ों का नुकसान

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस भीषण प्राकृतिक आपदा से बुनियादी ढांचे को तगड़ी चोट पहुंची है:

  • सड़कें: करीब 29.45 किलोमीटर लंबी सड़कें बुरी तरह टूट चुकी हैं।
  • पुल और कॉजवे: 6 बड़े पुलों और 24 कॉजवे/ड्रेनेज ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं।
  • अनुमानित नुकसान: शुरुआती आंकलन के मुताबिक मरम्मत कार्य के लिए कम से कम 13.55 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता होगी।

कई स्थानों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन), पेड़ गिरने और सड़कें धंसने से यातायात ठप हो गया था। हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), लोक निर्माण विभाग (PWD) और पुलिस बल की त्वरित कार्रवाई से मुख्य रास्तों को दोबारा शुरू कर दिया गया है।

जिलाधिकारी कार्यालय के अनुसार, सभी संबंधित विभाग 24 घंटे (24×7) स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।

Sanjay Jaiswal

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