वसई: वसई-विरार शहर को जोड़ने वाली एक प्रमुख और महत्वपूर्ण सड़क इन दिनों अपनी जर्जर स्थिति और अंतहीन ट्रैफिक जाम के कारण चर्चा का केंद्र बनी हुई है। वसई पूर्व और वसई पश्चिम को आपस में जोड़ने वाली इस सड़क का निर्माण लगभग 9 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से किया गया था। हालांकि, स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के मात्र तीन साल के भीतर ही सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।
रोजाना हजारों लोग हो रहे परेशान
इस व्यस्त मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूर, स्थानीय व्यापारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र, डॉक्टर, वकील और आम नागरिक इस बदहाल सड़क और रोजाना के जाम से बेहद परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महज 1 किलोमीटर का फासला तय करने के लिए वाहनों को एक-एक घंटे तक रेंगना पड़ता है, जिससे उनका कीमती समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर उठे सवाल
नागरिकों ने सड़क निर्माण की घटिया सामग्री, खराब रखरखाव और प्रशासनिक निगरानी में बरती गई लापरवाही पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाते हुए स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जाए।
नोट: सड़क निर्माण की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप पूरी तरह स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में वसई-विरार महानगरपालिका या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष (Official Statement) प्राप्त होते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।