नई दिल्ली/पालघर: पालघर जिले के विशाल तटीय क्षेत्रों को समुद्री आपदाओं से बचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ी पहल शुरू हुई है। पालघर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सवरा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पालघर के तटीय गांवों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल (समुद्री सुरक्षा दीवार) के निर्माण हेतु 122.26 करोड़ रुपये का राहत पैकेज तत्काल स्वीकृत करने का अनुरोध करते हुए एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
110 किमी लंबे तटीय क्षेत्र पर मंडराता प्राकृतिक आपदाओं का खतरा
केंद्रीय मंत्री को सौंपी गई याचिका में सांसद सवरा ने ध्यान आकर्षित कराया कि पालघर जिले की लगभग 110 किलोमीटर लंबी तटीय पट्टी हर साल मानसूनी कटाव, भीषण तूफानों, चक्रवात और समुद्र के उफनते जलस्तर की सीधी चपेट में आती है। इसके चलते तटीय बस्तियों के मकानों, कृषि योग्य भूमि, बगीचों, सार्वजनिक सड़कों और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान झेलना पड़ता है। इतना ही नहीं, तटीय सीमा पर बसे हजारों मछुआरा परिवारों और स्थानीय निवासियों का जीवन व रोजगार लगातार जोखिम में बना रहता है।
पालघर और डहाणू में 13 सुरक्षा दीवार परियोजनाओं का खाका तैयार
सांसद डॉ. सवरा ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र शासन ने गृह मंत्रालय की आपदा न्यूनीकरण (Disaster Mitigation) नीति के तहत पालघर तथा डहाणू तहसीलों के अति-संवेदनशील इलाकों में 13 समुद्री सुरक्षा दीवारें बनाने का विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया है। इस वृहद प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 122.26 करोड़ रुपये आंकी गई है।
केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता और जल्द मंजूरी की आस
सांसद ने गृह मंत्री से अपील की कि तटीय नागरिकों की जान-माल और आजीविका की रक्षा को प्राथमिक मुद्दा मानते हुए इस प्रस्ताव को अविलंब मंजूरी दी जाए और आवश्यक धनराशि जारी की जाए। इससे न केवल प्राकृतिक आपदाओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा, बल्कि मछुआरा समाज में सुरक्षा की भावना भी सुदृढ़ होगी।
(रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण)