‘मेरी पुलिस सुरक्षा किसके दबाव में हटाई गई?’ प्रदीप पांडे ने पुलिस कमिश्नर से मांगा स्पष्ट जवाब |

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नवंबर 2022 से न्यायालय के आदेश पर 24×7 सुरक्षा मिलने का दावा, 6 जुलाई से 9 सितंबर तक सुरक्षा हटाए जाने और 10 सितंबर को दोबारा बहाल होने पर उठे सवाल

विरार: भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को उजागर करने के कारण जान को खतरा होने का दावा करने वाले प्रदीप रामराज पांडे ने अपनी पुलिस सुरक्षा हटाए जाने को लेकर पुलिस प्रशासन से कई गंभीर सवाल पूछे हैं। पांडे के अनुसार, उन्हें नवंबर 2022 से न्यायालय के आदेश के तहत 24×7 पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन इस वर्ष 6 जुलाई से 9 सितंबर 2026 के बीच उनकी सुरक्षा पूरी तरह हटा दी गई। इसके बाद 10 सितंबर को सुरक्षा अचानक दोबारा बहाल कर दी गई।

वरिष्ठ अधिकारियों को खतरे की जानकारी देने का दावा

प्रदीप पांडे का कहना है कि उन्होंने 10 अगस्त और 3 सितंबर 2026 को पुलिस कमिश्नर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से अपनी जान को गंभीर खतरा होने की आशंका से अवगत कराया था।

अपनी शिकायत में उन्होंने ज्ञानमूर्ति शर्मा के मित्र राजन नाइक तथा उनसे जुड़े लोगों से खतरा होने और कथित हत्या की साजिश की आशंका का भी उल्लेख किए जाने की बात कही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा हटाने के फैसले पर सवाल

पांडे ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया कि जब उन्हें पहले से न्यायालय के आदेश के तहत सुरक्षा प्राप्त थी और उन्होंने संभावित खतरे को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी भी दी थी, तो उनकी 24×7 सुरक्षा अचानक क्यों हटाई गई?

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सुरक्षा हटाने का निर्णय किसके आदेश पर, किस दबाव में या किन परिस्थितियों में लिया गया।

इसके साथ ही उन्होंने 10 सितंबर को सुरक्षा दोबारा बहाल किए जाने के कारण पर भी पुलिस प्रशासन से स्पष्ट जानकारी मांगी है।

पुलिस कमिश्नर से पारदर्शी जवाब की मांग

प्रदीप पांडे ने पूरे मामले में पुलिस कमिश्नर से पारदर्शी और स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसी नागरिक को अपनी सुरक्षा को लेकर भय या दबाव की स्थिति में नहीं रहना चाहिए।

फिलहाल, सुरक्षा हटाए जाने और दोबारा बहाल किए जाने को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया इस बयान में उपलब्ध नहीं है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

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