ठाणे: महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ठाणे एसीबी की टीम ने जिला उपनिबंधक (सहकारी संस्था) कार्यालय में तैनात कार्यालय अधीक्षक सुधाकर बळीराम राठौड़ को एक लाख से अधिक की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। इस कार्रवाई के बाद से विभाग में हड़कंप मच गया है।
सोसायटी रजिस्ट्रेशन के नाम पर मांगी थी घूस
एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता की संस्था ‘यूनिटी इंडस्ट्रियल पार्क प्रेमाइसेस को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड’ के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी। आरोप है कि इस काम को पूरा करने के एवज में अधिकारी सुधाकर राठौड़ ने बड़ी रकम की मांग की थी। आरोपी ने अपने सीनियर अधिकारियों के नाम पर 1 लाख रुपये और खुद के लिए 25 हजार रुपये, यानी कुल 1.25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
जांच में पुष्टि के बाद एसीबी ने बुना जाल
शिकायतकर्ता द्वारा मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो, ठाणे को दिए जाने के बाद, टीम ने 6 और 9 जुलाई 2026 को गोपनीय तरीके से शिकायत का सत्यापन (Verification) किया। जांच में जब यह पूरी तरह साफ हो गया कि अधिकारी द्वारा वास्तव में रिश्वत मांगी जा रही है, तो एसीबी ने नेरुल पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने की अपील
इस सफल कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने आम नागरिकों से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। एसीबी ने कहा है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी जायज सरकारी काम को करने के बदले में रिश्वत या किसी भी तरह के अनुचित लाभ की मांग करता है, तो उसके सामने झुकने के बजाय तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो, ठाणे से संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।