वसई (तृप्ति प्रमाण न्यूज़): शहर में तेजी से हो रहे विकास और नई इमारतों के निर्माण के बीच, यहां के फुटपाथों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। निजी बिल्डरों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण शहर के प्रमुख रास्तों और गलियों के फुटपाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जो रोजाना पैदल सफर करते हैं।
भारी वाहनों की आवाजाही से टूटे फुटपाथ
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर ईंट, सीमेंट और लोहे की ढुलाई करने वाले भारी वाहन अक्सर फुटपाथों का इस्तेमाल करते हैं। कई जगहों पर ये वाहन फुटपाथ पर ही खड़े कर दिए जाते हैं या उनपर से गुजार दिए जाते हैं। लगातार दबाव पड़ने के कारण फुटपाथों पर लगे पेवर ब्लॉक्स टूट गए हैं और कई स्थानों पर सड़क धंस गई है, जिससे बड़े गड्ढे बन गए हैं।
मुख्य सड़क पर चलने को मजबूर लोग, बढ़ा हादसों का खतरा
फुटपाथों की खराब हालत के कारण पैदल यात्रियों को मजबूरन मुख्य सड़क के किनारे चलना पड़ रहा है। वसई की व्यस्त सड़कों पर वाहनों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में राहगीरों के सड़क पर चलने से दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। नागरिकों की मांग है कि वसई-विरार महानगरपालिका तुरंत सर्वेक्षण कराए और नुकसान पहुंचाने वाले बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई करवाकर फुटपाथों को फिर से ठीक कराए।
प्रशासन का दावा, दोषियों पर हो रही कार्रवाई
इस मामले में नगर निगम प्रशासन के अनुसार, सहायक आयुक्त सुनीता घाडीगांवकर ने जानकारी दी है कि फुटपाथ नुकसान की शिकायत मिलने पर बिल्डरों को नोटिस जारी किया जाता है। उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विकासकों पर जुर्माना लगाया जाता है और उनसे ही फुटपाथों की मरम्मत करवाई जाती है। हालांकि, स्थानीय लोग प्रशासन से इस नियम का सख्ती से पालन करवाने की अपील कर रहे हैं।