---Advertisement---

आस्था पर प्रहार या सुरक्षा में चूक? अयोध्या राम मंदिर कथित चोरी मामले पर वसई-विरार में कांग्रेस का ‘संकीर्तन आंदोलन’ |

---Advertisement---

विरार:

अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में कथित चोरी की घटना को लेकर अब महाराष्ट्र के वसई-विरार में भी सियासी और सामाजिक पारा चढ़ने लगा है। इस घटना के विरोध में गुरुवार को वसई-विरार जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नालासोपारा के ओसवाल नगरी सर्किल पर एक अनोखा और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए ‘संकीर्तन आंदोलन’ का सहारा लिया।

भजन-कीर्तन से जताया विरोध

नालासोपारा ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती रीना रामदास वाघमारे के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन के दौरान कोई हिंसक प्रदर्शन या नारेबाजी नहीं हुई। इसके बजाय, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने हाथ जोड़कर “रघुपति राघव राजाराम” का शांतिपूर्ण भजन गाया। इस संकीर्तन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने देश के सभी प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा चाक-चौबंद करने की पुरजोर मांग की।

करोड़ों भक्तों की आस्था का सवाल

आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष रीना रामदास वाघमारे ने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर करोड़ों सनातनियों और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। वहां हुई कथित चोरी की घटना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को केवल कागजी दावों तक सीमित रखने के बजाय धरातल पर कड़े कदम उठाए जाएं।

इसी सुर में सुर मिलाते हुए वसई-विरार कांग्रेस कमेटी के कार्याध्यक्ष रामदास वाघमारे ने केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के सबसे वीआईपी और संवेदनशील धार्मिक स्थल पर ऐसी घटना होना कानून-व्यवस्था की पोल खोलता है।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोपरि

इस मौके पर जिला महासचिव रवि भूषण ने कहा कि नागरिकों और उनके आस्था केंद्रों की सुरक्षा करना किसी भी चुनी हुई सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है। वहीं, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के सामाजिक न्याय विभाग के महासचिव अशरफ अली ने ‘सर्वधर्म समभाव’ के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के हर मजहब और उनके पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए हमेशा कटिबद्ध रही है।

इस संकीर्तन आंदोलन के अंत में कार्यकर्ताओं ने देश में सामाजिक सौहार्द, सुख-शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने की प्रार्थना की। पूरे क्षेत्र में यह शांतिपूर्ण और सुरीला विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बना रहा।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---
Rajesh