आचार संहिता लागू होने से कुछ घंटे पहले मिली मंजूरी
वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) और सड़क सफाई के लिए जारी करीब 957 करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पालघर जिलाप्रमुख प्रथमेश राऊत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मनपा आयुक्त एवं विरोधी पक्ष नेता मनोज पाटिल को ज्ञापन सौंपकर टेंडर तुरंत रद्द करने की मांग की है। राऊत का आरोप है कि 15 दिसंबर को चुनाव आचार संहिता लागू होने से महज कुछ घंटे पहले इस टेंडर का स्वीकृति पत्र जारी कर अत्यधिक जल्दबाजी दिखाई गई।
संसाधनों में कटौती से चरमराई सफाई व्यवस्था
शिकायत में कहा गया है कि 9 प्रभाग समितियों और 20 जोन में सफाई व्यवस्था के लिए 2,636 कर्मचारियों और 185 कॉम्पैक्टर व टिपर वाहनों की आवश्यकता है। आरोप है कि मौजूदा ठेकेदार मुनाफा बढ़ाने के लिए मैनपावर और गाड़ियों में कटौती कर रहे हैं, जिसकी वजह से पूरे शहर में कचरे के ढेर लगे हुए हैं और सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
पारदर्शी जांच न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और आगामी महासभा में नया प्रस्ताव लाकर पारदर्शी तरीके से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। मांगों पर तुरंत कार्रवाई न होने पर पार्टी ने बड़े पैमाने पर जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर प्रवीण महाप्रलकर, किरण चेंदवेंकर, अभिजीत सांगले, रोहण चव्हाण सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
(तृप्ति प्रमाण)