मुंबई

मलेरिया मुक्त समाज की ओर कदम: वसई-विरार में विश्व मलेरिया दिवस पर जागरूकता अभियान |

संवाददाता: साहिल यादव
तृप्ति प्रमाण | राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक
वसई-विरार (मुंबई): विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) के अवसर पर वसई-विरार शहर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग ने शहर स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कीटजनित रोग नियंत्रण अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका प्राथमिक उद्देश्य मलेरिया की रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति नागरिकों को सूचित करना है।
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियाँ:
शहर के विभिन्न वार्डों में स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं।
आशा वर्कर्स और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर सूचना पत्रक वितरित किए गए।
स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में मलेरिया रोकथाम पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है:
महानगरपालिका के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, “मलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। मच्छरों के प्रजनन को रोकना ही इसका सबसे प्रभावी इलाज है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और टंकियों की नियमित सफाई करें, और बुखार की स्थिति में तुरंत रक्त जांच कराएं।”
नागरिकों के लिए व्यावहारिक सुझाव:
✅ घर के आसपास पानी जमा न होने दें – टायर, बर्तन, गमले की ट्रे आदि की नियमित जांच करें।
✅ मच्छरदानी, रिपेलेंट क्रीम या मच्छर भगाने वाले उपकरणों का प्रयोग करें।
✅ पूर्ण बांह और पैर ढंकने वाले कपड़े पहनना, विशेषकर सुबह और शाम के समय।
✅ बुखार, ठंड लगना या सिरदर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र संपर्क करें।
आगे की रणनीति:
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यह जागरूकता अभियान एक दिवसीय नहीं, बल्कि मानसून से पहले तक निरंतर चलाया जाएगा। मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी और स्प्रे अभियान भी चलाए जाएंगे।
निष्कर्ष:
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सामूहिक प्रयासों और समय पर सतर्कता से मलेरिया जैसे कीटजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ही ‘मलेरिया मुक्त वसई-विरार’ के लक्ष्य को साकार कर सकती है।

Sahil Yadav

Senior Journalist & Chief Editor covering breaking national and international news stories.