वसई | तृप्ति प्रमाण
वसई और कोंकण क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बहुप्रतीक्षित विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर परियोजना को राज्य सरकार से प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल यानी MSRDC ने इसकी जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के नवघर से बलावली चरण को मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
129 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर
विरार से अलीबाग तक की यात्रा को तेज और सुगम बनाने के लिए 129 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत नवघर से बलावली तक 98 किलोमीटर मार्ग का निर्माण बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर यानी BOT मॉडल पर किया जाएगा।
कोंकण और MMR के विकास को मिलेगी मजबूती
इस कॉरिडोर के बनने से पालघर, रायगढ़ और पूरे कोंकण क्षेत्र में औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। वसई-विरार और अलीबाग के बीच आवागमन तेज होने से मुंबई महानगर क्षेत्र और कोंकण के विकास को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
ठेकेदार की नियुक्ति और कार्य प्रारंभ
MSRDC के कार्यकारी अभियंता मुक्तेश वाडकर के अनुसार, प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब ठेकेदार की नियुक्ति की जाएगी। सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर परियोजना का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग थी तेजी
इस परियोजना के काम में तेजी लाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता जॉय फरगोस ने शासन स्तर पर पत्राचार कर मांग की थी। अब प्रशासनिक मंजूरी मिलने से क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। आगे की प्रक्रिया जारी है।