विरार:
विरार पूर्व के फूलपाड़ा स्थित प्रभाग क्रमांक-7 के मिथिलाधाम और चंदर चॉल परिसर के निवासियों को आखिरकार दूषित और गंदे पानी की आफत से निजात मिल गई है। पिछले कई दिनों से यहाँ के नागरिक नलों से आ रहे बदबूदार पानी से परेशान थे। जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवकों की त्वरित पहल पर वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) के जलापूर्ति विभाग ने ज़मीनी कार्रवाई करते हुए समस्या को हल कर दिया है।
‘मेरा प्रभाग मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत त्वरित एक्शन
“मेरा प्रभाग मेरी जिम्मेदारी” अभियान के अंतर्गत आरोग्य समिति के उपसभापति एवं नगरसेवक निषाद चोरघे, वरिष्ठ समाजसेवक धनंजय झा, नगरसेविका मीनू धनंजय झा, नगरसेवक प्रशांत राउत तथा नगरसेविका प्रतिभा पाटील ने मामले पर संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर मनपा जलापूर्ति विभाग के अधिकारी धामने और संजय अपनी पूरी टीम और जेसीबी (JCB) मशीन के साथ सीधे प्रभावित क्षेत्र में पहुँचे।
जेसीबी से हुई खुदाई, ड्रेनेज लाइन का अवरोध हटाया गया
मौके पर किए गए तकनीकी निरीक्षण में सामने आया कि गंदे पानी की निकासी वाले पाइपों में रुकावट आ जाने की वजह से पीने के पानी की लाइन दूषित हो रही थी। विभागीय कर्मचारियों ने तुरंत जेसीबी की मदद से खुदाई कर नाली व पाइपलाइन के अवरोध को दूर किया। इस मरम्मत कार्य के बाद क्षेत्र में गंदे पानी का रिसाव बंद हुआ और स्वच्छ जलापूर्ति बहाल कर दी गई।
नागरिकों ने जताया आभार
दिनों-रात दूषित पानी से जूझ रहे मिथिलाधाम और चंदर चॉल के नागरिकों ने समस्या का तुरंत समाधान होने पर राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों, समाजसेवकों और जलापूर्ति विभाग की पूरी टीम का धन्यवाद व्यक्त किया और आशा जताई कि आगे भी प्रभाग की समस्याओं पर इसी तरह त्वरित कार्रवाई देखने को मिलेगी।