मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर प्रभावित रहिवासियों, निवेशकों और बैंकों को राहत देने की अपील
नालासोपारा। वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में 80 से अधिक पुनर्विकास परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर लगी रोक को लेकर भाजपा विधायक राजन नाईक ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप की मांग की है। विधायक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर प्रभावित रहिवासियों, निवेशकों और वित्तीय संस्थाओं को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। राजन नाईक के अनुसार, मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।

बताया गया है कि वसई-विरार क्षेत्र में चल रही 80 से अधिक पुनर्विकास परियोजनाओं में अतिरिक्त एफएसआई को लेकर मामला सामने आने के बाद महानगरपालिका के नगररचना विभाग ने कई परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। इसके साथ ही ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट यानी ओसी की प्रक्रिया और दस्तावेजों की रजिस्ट्री पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
विधायक राजन नाईक ने मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में रहने वाले मूल निवासियों को प्रशासनिक अथवा तकनीकी खामियों के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
नाईक के मुताबिक, संबंधित पुनर्विकास परियोजनाओं को तत्कालीन महानगरपालिका नियमों के तहत आधिकारिक मंजूरी, स्वीकृत नक्शे और प्रारंभ प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। इन मंजूरियों पर भरोसा करते हुए पुराने भवनों के निवासियों ने अपने घर खाली कर किराये के मकानों में रहना शुरू किया।
विधायक के अनुसार, कई परियोजनाओं को महारेरा की मंजूरी भी मिली थी और इसी आधार पर खरीदारों एवं निवेशकों ने परियोजनाओं में पंजीकरण कराया। उनका यह भी दावा है कि कई परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीयकृत एवं सहकारी बैंकों समेत अन्य वित्तीय संस्थाओं ने ऋण उपलब्ध कराया है।
1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फंसने की आशंका
राजन नाईक का कहना है कि निर्माण कार्य रुकने से नागरिकों, निवेशकों और बैंकों की 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि मंजूरी प्रक्रिया में प्रशासनिक या तकनीकी त्रुटियां हुई हैं, तो उसका खामियाजा उन मूल निवासियों और सोसायटियों को नहीं भुगतना चाहिए, जिन्होंने सरकारी मंजूरियों पर भरोसा करते हुए अपने पुराने घर खाली किए हैं।
विधायक राजन नाईक की प्रमुख मांगें
विधायक ने मांग की है कि 80 पुनर्विकास परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर लगी रोक के साथ-साथ ओसी प्रक्रिया और दस्तावेज पंजीकरण पर लगाए गए प्रतिबंधों को अंतरिम रूप से स्थगित किया जाए।
उन्होंने नगरविकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित कर प्रत्येक परियोजना की अलग-अलग समीक्षा करने की मांग की है।
नाईक ने यह भी कहा कि जहां एफएसआई में तकनीकी अंतर पाया गया है, वहां प्रीमियम शुल्क और टीडीआर-एफएसआई समायोजन सहित नियमानुसार नियमितीकरण का अवसर दिया जाना चाहिए। वहीं, यदि मंजूरी प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित अधिकारी, वास्तुकार और विकासक की जिम्मेदारी अलग-अलग तय की जानी चाहिए।
इसके अलावा नगरविकास विभाग, महानगरपालिका, महारेरा, बैंक प्रतिनिधियों, विकासक संगठनों और संबंधित सोसायटियों के प्रतिनिधियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर व्यावहारिक समाधान तैयार करने की मांग भी की गई है।
पुनर्विकास के बाद भी रहवासियों पर अतिरिक्त बोझ की आशंका
राजन नाईक ने आशंका जताई कि यदि पुनर्विकास के बाद तैयार इमारतों को भविष्य में अनधिकृत संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया, तो रहवासियों पर अतिरिक्त संपत्ति कर का बोझ पड़ सकता है। उन्होंने पानी की सुविधा को लेकर भी संभावित परेशानी की आशंका जताई।
विधायक ने कहा कि वर्षों से पुरानी और खतरनाक इमारतों में रहने वाले लोगों ने सुरक्षित और नए घर का सपना देखा है। ऐसे में प्रशासनिक या तकनीकी खामियों के कारण उन्हें दोहरा आर्थिक नुकसान नहीं उठाना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रभावित परियोजनाओं के मामलों में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए ओसी जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और समस्या के व्यावहारिक समाधान की मांग की है।




