संवाददाता: साहिल यादव
मुंबई। सोनी सब पर प्रसारित हो रहा नया पारिवारिक शो ‘क्योंकि पापा कहते हैं’ परिवार, रिश्तों, जिम्मेदारियों और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी उलझनों को भावनात्मक और हास्यपूर्ण अंदाज में पेश कर रहा है। शो का निर्माण यश पटनायक के बैनर इंस्पायर फिल्म्स के तहत किया गया है।
शो की कहानी पांच भाई-बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी माता-पिता के अचानक साथ न रहने के बाद पूरी तरह बदल जाती है। परिवार के सबसे बड़े बेटे पवन पर कम उम्र में ही अपने छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी आ जाती है। महज 24 साल की उम्र में उसे अपने सपनों और निजी जिंदगी के साथ-साथ पूरे परिवार को संभालने की चुनौती का सामना करना पड़ता है।
शो की खासियत यह है कि गंभीर और भावनात्मक परिस्थितियों के बीच भी कहानी पारिवारिक माहौल की सहजता और हास्य को बनाए रखने की कोशिश करती है। पांचों भाई-बहनों के बीच होने वाली नोकझोंक, गलतफहमियां, आपसी मतभेद और छोटी-छोटी खुशियां कहानी को घरेलू और परिचित एहसास देती हैं।
पवन का किरदार शो की कहानी का महत्वपूर्ण आधार है। एक युवा व्यक्ति, जो खुद अपने भविष्य को लेकर सोचने और अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है, अचानक परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खड़ा हो जाता है। इस परिस्थिति में उसे भावनात्मक और व्यावहारिक दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अभिनेता राज अनादकट ने पवन की भूमिका में जिम्मेदारी और हल्के-फुल्के पलों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है।
शो में पांचों भाई-बहनों के अलग-अलग स्वभाव कहानी में विविधता लाते हैं। उनके बीच होने वाली बातचीत और परिस्थितियों से पैदा होने वाला हास्य कहानी को हल्का और मनोरंजक बनाए रखने में मदद करता है। वहीं माता-पिता के साथ न रहने की पृष्ठभूमि कहानी को भावनात्मक आधार देती है।
शो का मूल सवाल भी काफी मानवीय है—जब कोई व्यक्ति खुद अपनी जिंदगी को समझने और आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा हो, उसी समय उस पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ जाए तो वह इन परिस्थितियों का सामना किस तरह करता है?
शुरुआती कहानी में किरदारों और उनके रिश्तों को स्थापित करने के साथ-साथ आगे आने वाले भावनात्मक संघर्ष की जमीन तैयार की गई है। पारिवारिक जिम्मेदारियों, भाई-बहनों की नोकझोंक और रिश्तों की गर्माहट के बीच ‘क्योंकि पापा कहते हैं’ एक ऐसी पारिवारिक कहानी पेश करने की कोशिश करता है, जिसमें भावनाओं के साथ रोजमर्रा की जिंदगी का हास्य भी देखने को मिलता है।




