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जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न |

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वाढवण बंदर परियोजना को गति |

पालघर, दिनांक 17 फरवरी : मौजे वाढवण, तहसील डहाणू में प्रस्तावित वाढवण बंदर परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति दी गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर सहायक जिलाधिकारी विशाल खत्री (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से), उपजिलाधिकारी महेश सागर, तेजस चव्हाण, श्याम मदनुकर, भूमि अभिलेख अधीक्षक नरेंद्र पाटील, पालघर तहसीलदार रमेश शेंडगे, डहाणू तहसीलदार सुनिल कोळी तथा मंडल अधिकारी एवं तलाठी उपस्थित थे। जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक सड़क और रेलवे निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही युद्धस्तर पर जारी है। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3(ए) के तहत 29 अगस्त 2024 को केंद्र सरकार के राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित की गई है, जिसमें पालघर जिले के कुल 24 गांव शामिल हैं। इनमें डहाणू तहसील के 10 तथा पालघर तहसील के 14 गांवों की भूमि अधिग्रहण के लिए निर्धारित की गई है। निर्धारित दर घोषित पालघर तहसील के अधिकांश गांवों के लिए कृषि भूमि का दर प्रति हेक्टेयर 62 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि गैर-कृषि भूमि के लिए गांववार प्रति वर्गमीटर 780 से 2940 रुपये तक दर घोषित किए गए हैं। डहाणू तहसील के वरोर, चिंचणी, तणाशी गांवों के लिए कृषि भूमि का दर 1 करोड़ 16 लाख 44 हजार 106 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा बावडे, कोलवली, वाणगांव गांवों के लिए 1 करोड़ 22 लाख 42 हजार 408 रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है। कुछ गांवों के लिए 62 लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का दर लागू रहेगा। इन सभी निर्णयों को अधिग्रहण संस्था National Highways Authority of India (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को मंजूरी हेतु भेजा गया था, जिसे स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। परियोजना प्रभावितों को निर्धारित बाजार मूल्य की दोगुनी (2 गुना) राशि मुआवजे के रूप में दी जाएगी। इसके अतिरिक्त उस राशि पर 100 प्रतिशत सोलातियम (अतिरिक्त राहत राशि) तथा 29 अगस्त 2024 से मूल दर पर 12 प्रतिशत अतिरिक्त घटक (ब्याज) भी प्रदान किया जाएगा। भूमि पर स्थित निर्माण, पेड़, कुआं, बोरवेल आदि संपत्तियों का मूल्यांकन कर अलग से मुआवजा दिया जाएगा। इससे प्रभावित खातेदारों को कानूनी प्रावधानों के अनुसार अधिकतम आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य अधिग्रहित भूमि का मुआवजा प्राप्त करने के लिए 60 दिनों के भीतर अद्यतन 7/12 उतारा, फेरफार प्रविष्टियां, पहचान पत्र, बैंक पासबुक (IFSC सहित), उत्तराधिकार प्रमाण (यदि लागू हो) आदि आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। पालघर तहसील के लिए सक्षम प्राधिकारी तथा उपजिलाधिकारी (पुनर्वसन), जिलाधिकारी कार्यालय, पालघर से तथा डहाणू तहसील के लिए सक्षम प्राधिकारी तथा उपजिलाधिकारी (भूमि अधिग्रहण), सूर्या परियोजना, डहाणू से संपर्क करने का आह्वान जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने किया है। जिलाधिकारी ने संबंधित तलाठी कार्यालयों को सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए हैं और राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करने को प्राथमिकता देने को कहा है। “भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता, गति और न्याय सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रभावित नागरिक समय पर दस्तावेज प्रस्तुत कर मुआवजा स्वीकार करें,” ऐसा आवाहन जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने किया।

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Rajesh