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महाराष्ट्र विधानसभा में गूंजा वसई-विरार बाढ़ का मुद्दा, विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल |

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तृप्ति प्रमाण |
मुंबई, 2 जुलाई। महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान वसई-विरार में हर साल होने वाली जलजमाव और बाढ़ की समस्या प्रमुखता से उभरी। वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सदन में नगर निगम की कार्यप्रणाली, जल निकासी व्यवस्था और नाला सफाई में हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के समक्ष गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

बारिश से ठप होता है जनजीवन

सदन में अपने वक्तव्य के दौरान विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने बताया कि वसई-विरार में कुछ घंटों की बारिश के बाद ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे आम नागरिकों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित होता है। उन्होंने इस स्थिति को केवल प्राकृतिक आपदा न मानते हुए, इसे वर्षों से चली आ रही योजना संबंधी कमियों और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। विधायक के अनुसार, बारिश के मौसम में अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का सामना करना पड़ता है।

ड्रेनेज व्यवस्था और नाला सफाई पर उठे सवाल

विधायक ने आरोप लगाया कि नगर निगम के गठन के कई साल बीत जाने के बाद भी शहर में समग्र भूमिगत ड्रेनेज और प्रभावी स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज की कोई योजना लागू नहीं हो सकी है। इसके अलावा, नाला सफाई के खर्च को लेकर भी उन्होंने गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। विधायक के अनुसार, पड़ोसी नगर निकायों की तुलना में वसई-विरार में मशीनों के किराये और कार्य लागत में भारी अंतर दिखाई देता है। उन्होंने पूरे टेंडर और भुगतान प्रक्रिया की विस्तृत जांच की मांग की।

विधायक की चार प्रमुख मांगें

सदन में विधायक ने सरकार के समक्ष इस समस्या के समाधान के लिए चार स्पष्ट मांगें रखीं:
रिक्त पड़े शहर अभियंता के पद पर तत्काल नियुक्ति।
नाला सफाई कार्यों में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच।
बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेषज्ञों की सिफारिशों को जमीन पर लागू करना।
प्राकृतिक जल संग्रहण स्थलों के संरक्षण के लिए एक अलग और प्रभावी नीति का निर्माण।

सरकार का जवाब और जांच का आश्वासन

विधायक के सवालों का जवाब देते हुए नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने सदन को आश्वस्त किया। राज्यमंत्री के अनुसार, 15 दिनों के भीतर वसई-विरार महानगरपालिका में योग्य शहर अभियंता की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही, नाला सफाई कार्यों की जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट पेश की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ नियंत्रण के लिए अलग कार्ययोजना बनाई जाएगी और आवश्यक वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

जवाबदेही तय होने तक जारी रहेगा संघर्ष

इस चर्चा में वरिष्ठ विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जांच रिपोर्ट शीघ्र सदन में पेश करने की मांग की। चर्चा के अंत में विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने कहा कि वसई-विरार के नागरिकों को बाढ़ मुक्त वातावरण देने के लिए उनका प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होती और ठोस समाधान लागू नहीं होते, वह इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाती रहेंगी।

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Rajesh