---Advertisement---

वसई-विरार में आफत की बारिश: जलमग्न इलाकों से 3 महीने के मासूम समेत दर्जनों लोगों का रेस्क्यू, पुलिस और फायर ब्रिगेड मुस्तैद |

---Advertisement---

वसई: महाराष्ट्र के वसई-विरार इलाके में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मूसलाधार बरसात के चलते कई रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जिससे सैकड़ों लोग अपने घरों में फंस गए हैं। इस आपदा के बीच वसई-विरार महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस ने देवदूत बनकर कई परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

नाव के सहारे निकाला गया बाहर, 3 महीने का शिशु भी सुरक्षित

नायगांव पश्चिम के अंतर्गत आने वाले साकाई नगर-2 और उमेले इलाकों में पानी का स्तर अचानक बेहद बढ़ गया। घरों में पानी घुसने के कारण कई लोग वहां फंस गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आई। आपदा प्रबंधन दल ने नावों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस अभियान के तहत एक महज 3 महीने के नवजात बच्चे और कई बुजुर्गों समेत दर्जनों नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

स्कूल में बनाई गई अस्थाई शरणस्थली

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए सभी नागरिकों को फिलहाल उमेले गांव के जिला परिषद स्कूल में ठहराया गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा वहां उनके रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधि आशीष वर्तक के मुताबिक, समुद्र का जलस्तर और जमीनी स्तर एक समान होने के कारण बाढ़ के पानी की निकासी काफी धीमी गति से हो रही है। इसके अलावा, वसई पूर्व के नवघर मिठागर इलाके में भी जलभराव के बीच फंसे लोगों को निकालने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।

तानसा नदी उफान पर: फार्महाउस में फंसे 25 लोगों को मंडवी पुलिस ने बचाया

भारी बारिश के कारण तानसा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान को पार कर गया है। इसी बीच, चांदीप क्षेत्र के एक फार्महाउस में करीब 25 नागरिक बाढ़ के पानी के बीच फंस गए थे। सूचना मिलते ही मंडवी पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय निवासियों ने एक संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके घरों के लिए रवाना कर दिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---
Rajesh