वसई: पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार और रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने वसई-विरार शहर की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। भारी जलभराव के संकट के चलते महानगरपालिका की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और कई रूटों पर सेवाएं ठप करनी पड़ीं। हालांकि, मंगलवार को पूर्वी क्षेत्र के कुछ हिस्सों से पानी कम होने के बाद बेहद सीमित स्तर पर बस सेवा को बहाल किया गया है। वर्तमान में केवल 5 चुनिंदा मार्गों पर 16 बसें चलाई जा रही हैं, जबकि पश्चिमी इलाके में हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं और वहां परिवहन पूरी तरह बंद है।
यात्रियों की बढ़ी मुसीबतें, सड़कों पर जलजमाव का असर
वसई-विरार महानगरपालिका के परिवहन बेड़े में वर्तमान में कुल 114 बसें मौजूद हैं, जिनमें पर्यावरण के अनुकूल 40 ई-बसें भी शामिल हैं। आम दिनों की बात करें तो शहर के 36 अलग-अलग रूटों पर इन बसों का सुचारू संचालन होता है, जिससे रोजाना लगभग 60 से 65 हजार यात्री सफर करते हैं। लेकिन हालिया भारी बरसात के कारण मुख्य राजमार्गों से लेकर अंदरूनी गलियों तक में कई फीट पानी भर गया। इस अभूतपूर्व जलजमाव की वजह से न सिर्फ सरकारी बल्कि निजी यातायात सेवाएं भी पूरी तरह से घुटनों पर आ गईं।
वर्तमान में चालू रूटों का विवरण:
महानगरपालिका के परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जलस्तर में थोड़ी कमी आने के बाद जिन चुनिंदा मार्गों पर बसें दोबारा शुरू की गई हैं, उनकी सूची इस प्रकार है:
- मार्ग क्रमांक 101 (सातीवली): कुल 3 बसें कार्यरत
- मार्ग क्रमांक 102 (वसई फाटा): कुल 4 बसें कार्यरत
- मार्ग क्रमांक 302 (फुलपाड़ा): कुल 2 बसें कार्यरत
- मार्ग क्रमांक 310 (चांदीप-शिरसाड): कुल 5 बसें कार्यरत
- मार्ग क्रमांक 330 (विरार-द्वारकाधीश मंदिर): कुल 2 बसें कार्यरत
पूर्वी क्षेत्र में मामूली सुधार, मगर पश्चिमी हिस्सा अभी भी पूरी तरह ठप- परिवहन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पूर्वी क्षेत्र में धीरे-धीरे जलस्तर कम हो रहा है, जिससे वहां स्थिति थोड़ी सामान्य होने की उम्मीद जगी है। इसके विपरीत, वसई-विरार के पश्चिमी क्षेत्र की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। करीब 20 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस क्षेत्र की प्रमुख सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। रास्तों पर भारी जलभराव होने के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पश्चिमी क्षेत्र की सभी बस सेवाओं को बंद रखा है, जिससे स्थानीय यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।