भिवंडी:
सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं की मजबूरियों का फायदा उठाकर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का भिवंडी क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। महाराष्ट्र सरकार के राजस्व (महसूल) विभाग और मंत्रालय में ऊंची पहुंच का हवाला देकर एक युवक से 70 लाख रुपये ठगने के मामले में पुलिस की यूनिट-2 ने तीन आरोपियों को धर दबोचा है।
जाली दस्तावेज और फर्जी रबर स्टैंप बरामद
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शीतल राऊत के मार्गदर्शन में चलाए गए इस सफल ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज जब्त किए हैं। पकड़े गए शातिरों के पास से सरकारी विभागों के नकली पहचान पत्र (ID Cards), जाली रबर स्टैंप और फर्जी लेटरहेड मिले हैं। इन्हीं फर्जी कागजातों के दम पर ये खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की तलाश जारी
‘तृप्ति प्रमाण’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भिवंडी क्राइम ब्रांच ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस बात की तहकीकात की जा रही है कि आरोपियों ने अब तक और कितने बेरोजगार युवाओं को चूना लगाया है। इस अंतरराज्यीय या अंतर-जिला गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों और उनके पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए गहन जांच जारी है।