उत्तर प्रदेश

जौनपुर: रसूलाबाद पीएचसी पर विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, ‘प्रथम छह माह केवल स्तनपान’ का दिया संदेश |

जौनपुर। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) आर. बी. कमल के दिशा-निर्देशन और सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह के नेतृत्व में रसूलाबाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ के अंतर्गत एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मां का दूध नवजात के लिए सर्वोत्तम व संपूर्ण आहार

कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञों—डॉ. मुदित चौहान, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. पूजा पाठक, डॉ. नवीन सिंह और डॉ. अथर अंसारी ने गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व, उसकी सही तकनीक और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। चिकित्सकों ने जोर देकर कहा कि जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना और शुरुआती छह महीनों तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना उसके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। मां के दूध में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो शिशु को कई तरह के संक्रमणों से बचाते हैं।

माताओं के स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है स्तनपान

विशेषज्ञों ने बताया कि स्तनपान का लाभ केवल बच्चे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मां को भी कई बीमारियों से बचाता है और उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इस दौरान माताओं को गर्भावस्था और स्तनपान के समय संतुलित व पौष्टिक आहार लेने, पर्याप्त आराम करने और नियमित चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई।

स्वस्थ शिशु ही सशक्त राष्ट्र की नींव

कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि स्तनपान स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का यह दायित्व है कि वे समाज में स्तनपान को लेकर वैज्ञानिक और प्रामाणिक जानकारी का प्रचार-प्रसार करें। उपस्थित माताओं और ग्रामीणों ने चिकित्सकों की बातों को गंभीरता से सुना और ‘प्रथम छह माह केवल स्तनपान’ के संदेश को अपनाने का संकल्प लिया।

(संवाददाता: शंभू, जौनपुर)

Sanjay Jaiswal

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