चालकों को सुधार के लिए दिया गया एक महीने का समय
मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा के कामचलाऊ ज्ञान को लेकर जारी गहमागहमी के बीच एक बड़ा बयान सामने आया है। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ (ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए दावा किया है कि जिन चालकों को मराठी भाषा का प्राथमिक ज्ञान नहीं है, उन्हें फिलहाल केवल नोटिस जारी कर सचेत किया जा रहा है। चालकों को मराठी सीखने और सुधार करने के लिए एक महीने की समय सीमा दी गई है।
परिवहन मंत्री के हवाले से दिया बयान
संजय निरुपम के अनुसार, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मीडिया के समक्ष यह बात स्पष्ट की है कि चालकों को तुरंत सजा देने के बजाय सुधार का अवसर दिया जा रहा है। निरुपम ने कहा कि इस एक महीने की अवधि के दौरान यदि कोई RTO अधिकारी किसी चालक का लाइसेंस, परमिट या बैज जब्त करता है या उस पर आर्थिक जुर्माना लगाता है, तो ऐसी कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध और गैरकानूनी मानी जाएगी।
सरकारी आदेशों पर निर्भर करेगी अंतिम वैधानिकता
हालांकि, इस मामले में RTO द्वारा की जाने वाली दंडात्मक कार्रवाई और नियमों के अंतिम क्रियान्वयन की वैधानिकता पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक आदेशों (GR) पर निर्भर करेगी। फिलहाल संजय निरुपम के इस दावे से शहर के हजारों गैर-मराठी रिक्शा और टैक्सी चालकों ने राहत की सांस ली है।
(रिपोर्ट: साहिल यादव – तृप्ति प्रमाण)