चिंता से मनुष्य हो रहा अनेक बीमारियों का शिकार : पंडित बनवारी लाल महाराज
सरायख्वाजा, जौनपुर। संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा
जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के धौरइल गांव में शरद सिंह के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा से पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर है। कथा के आयोजन से गांव में आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं। कथा के दौरान भक्ति गीतों, भगवान के जयकारों और धार्मिक प्रसंगों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, 29 नवंबर से श्री हनुमान गढ़ी धाम, बक्सा, जौनपुर क्षेत्र से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक पंडित बनवारी लाल जी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन महाराज ने विभिन्न धार्मिक एवं पौराणिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म, भक्ति और जीवन के वास्तविक उद्देश्य के बारे में बताया।
उन्होंने राजा दक्ष और राजा परीक्षित की उत्पत्ति से जुड़े प्रसंगों का वर्णन कर श्रोताओं को श्रीमद्भागवत कथा के महत्व से परिचित कराया।
अभिमन्यु के पराक्रम का भावपूर्ण वर्णन
कथावाचक पंडित बनवारी लाल महाराज ने महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए चक्रव्यूह की रचना और वीर अभिमन्यु के अद्भुत पराक्रम तथा उनकी मृत्यु का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार अभिमन्यु ने कम आयु में भी अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए कौरवों की सेना के चक्रव्यूह में प्रवेश किया था। इस प्रसंग का वर्णन सुनकर कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावुक हो उठे।
कथा के दौरान पंडित बनवारी लाल महाराज ने चिंता को मनुष्य के लिए अनेक बीमारियों का कारण बताते हुए जीवन में आध्यात्मिकता, भक्ति और सकारात्मक सोच के महत्व पर जोर दिया।
धौरइल गांव में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं।


