Corn Silk में पाए जाते हैं कुछ पौध-आधारित यौगिक, लेकिन किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं
आगरा। भुट्टे के बाल यानी Corn Silk मकई के भुट्टे पर दिखाई देने वाले सुनहरे और रेशेदार धागे होते हैं। आमतौर पर इन्हें उपयोगी न मानकर फेंक दिया जाता है, लेकिन पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इनका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है।
डॉ. मीना अग्रवाल, नेचुरोपैथी के अनुसार, भुट्टे के बालों में फ्लेवोनॉयड्स, पॉलीफेनॉल जैसे कुछ एंटीऑक्सीडेंट यौगिक और अन्य पौध-आधारित तत्व पाए जाते हैं। हालांकि इनके कई पारंपरिक उपयोग बताए जाते हैं, लेकिन सभी स्वास्थ्य दावों के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इन्हें किसी बीमारी का निश्चित उपचार नहीं माना जाना चाहिए।
मूत्र मार्ग के स्वास्थ्य के लिए पारंपरिक उपयोग
भुट्टे के बालों का पारंपरिक उपयोग मुख्य रूप से मूत्र मार्ग के स्वास्थ्य से जोड़ा जाता है। इन्हें सामान्यतः हर्बल चाय या काढ़े के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
कुछ अध्ययनों और पारंपरिक अनुभवों के आधार पर इनमें हल्का मूत्रवर्धक प्रभाव होने की संभावना बताई जाती है। इससे शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका प्रभाव व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकता है।
एंटीऑक्सीडेंट यौगिकों की मौजूदगी
भुट्टे के बालों में कुछ एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से संबंधित प्रक्रियाओं से बचाव में भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि, केवल भुट्टे के बालों का सेवन करने से किसी बीमारी की रोकथाम या उपचार का दावा करना उचित नहीं है। संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली सामान्य स्वास्थ्य के लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं।
किडनी और मूत्राशय के लिए उपयोग में सावधानी जरूरी
पारंपरिक चिकित्सा में भुट्टे के बालों का उपयोग गुर्दों और मूत्राशय के सामान्य स्वास्थ्य को समर्थन देने के लिए भी किया जाता रहा है। लेकिन किडनी या मूत्र संबंधी बीमारी के उपचार के लिए केवल भुट्टे के बालों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति को किडनी, मूत्राशय या मूत्र मार्ग से संबंधित समस्या है, तो उचित चिकित्सकीय जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
कैसे बनाई जाती है भुट्टे के बालों की चाय?
भुट्टे के ताजे या सूखे बालों को अच्छी तरह साफ करके पानी में कुछ मिनट तक उबाला जा सकता है। इसके बाद इसे छानकर हर्बल चाय के रूप में लिया जाता है।
स्वाद के लिए इसमें थोड़ा नींबू या शहद मिलाया जा सकता है। हालांकि मधुमेह से पीड़ित लोगों को शहद का सेवन करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
दवाएं लेने वाले लोग पहले डॉक्टर से लें सलाह
यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से दवाएं ले रहा है, विशेष रूप से मूत्रवर्धक दवाएं, रक्तचाप की दवाएं या किडनी से संबंधित उपचार चल रहा है, तो भुट्टे के बालों का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी चिकित्सकीय सलाह के बिना इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं
भुट्टे के बाल एक पारंपरिक हर्बल सामग्री हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से हर्बल चाय के रूप में किया जाता है। इनमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट और पौध-आधारित यौगिक पाए जाते हैं, लेकिन इनके संभावित स्वास्थ्य लाभों को लेकर अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है।
इसलिए भुट्टे के बालों को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए, किसी बीमारी के उपचार के विकल्प के रूप में नहीं।
Health is Wealth
डॉ. मीना अग्रवाल
नेचुरोपैथी | आगरा




