पटना। बीस साल तक बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके नीतीश कुमार को केंद्र सरकार में उप-प्रधानमंत्री बनाने की मांग को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी का सिलसिला जारी है। जनता दल यूनाइटेड के विधायक पंकज मिश्रा ने हाल ही में यह मांग उठाई है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं।
जदयू विधायक पंकज मिश्रा की मांग
जनता दल यूनाइटेड के विधायक पंकज मिश्रा ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि नीतीश कुमार के व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का देश को लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि नीतीश कुमार लगातार बीस वर्षों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं और उससे पहले केंद्र सरकार में भी मंत्री पद पर आसीन रहे हैं। विधायक का दावा है कि बिहार की जनता भी उन्हें उप-प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है और मोदी मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में उन्हें यह पद देकर उन्हें उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।
राजद नेता मुकेश रौशन का पूर्व बयान
जदयू विधायक के इस बयान से पहले, राजद नेता मुकेश रौशन भी नीतीश कुमार को उप-प्रधानमंत्री बनाने की मांग कर चुके हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद मुकेश रौशन ने कहा था कि नीतीश कुमार केंद्र में कृषि और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं। इसलिए उन्हें उप-प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए, जिसे उन्होंने बिहार के लिए गर्व की बात बताई थी।
नीतीश कुमार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति
वर्तमान में नीतीश कुमार राज्यसभा के सांसद हैं और साथ ही वह जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर भी कार्यरत हैं। राजनीतिक समीकरणों की बात करें, तो नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा जाने के बाद ही भाजपा बिहार में पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने में सफल रही थी। वर्तमान में नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री का पद संभाल रहे हैं। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।