पालघर में शासकीय आश्रमशाला के छात्रों की अनूठी पहल
महाराष्ट्र के पालघर जिले से मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक मिसाल सामने आई है। जव्हार परियोजना के अति-दुर्गम इलाके में स्थित शासकीय आश्रमशाला, दाभेरी के छात्रों ने अपने खाने-पीने और जेब खर्च (खाऊ) के लिए मिलने वाले पैसों को बचाकर असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 17,060 रुपये की राशि जुटाई। बच्चों ने यह मदद राशि जव्हार की परियोजना अधिकारी सह सहायक जिलाधिकारी डॉ. अपूर्वा बासुर को सौंपी।
डॉ. अपूर्वा बासुर की प्रेरणा से मिला बल
डॉ. अपूर्वा बासुर की प्रेरणा से चलाए गए इस विशेष अभियान ने बच्चों में सहानुभूति, सामाजिक जुड़ाव और आपदा पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता को गहरा किया है। दुर्गम क्षेत्र के इन छोटे-छोटे बच्चों द्वारा अपने छोटे-छोटे सुखों का त्याग कर दी गई यह मदद पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है।
अधिकारियों ने सराहा बच्चों का जज्बा
इस अवसर पर सहायक परियोजना अधिकारी दीपक टिके, कार्यालय अधीक्षक योगेश भोये, शिक्षा विस्तार अधिकारी सोमनाथ धोंड़े, स्कूल के प्रधानाध्यापक डी. जे. जामनिक और छात्र कुंदन वले व दर्शना गांगोडा उपस्थित रहे। डॉ. अपूर्वा बासुर ने स्कूल में चल रही विभिन्न नवाचारी गतिविधियों का निरीक्षण किया और छात्रों के इस महान कार्य की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।