मानवीय संबंधों और भावनाओं पर बोले अभिनेता दीपक्क दत्ता
टेलीविजन, फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके वरिष्ठ अभिनेता दीपक्क दत्ता ने हाल ही में रिश्तों और उम्र के अंतर पर खुलकर बात की। उनका मानना है कि किसी भी रिश्ते की असली बुनियाद उम्र का फासला नहीं, बल्कि आपसी भरोसा, समझ और सच्ची भावनाएं होती हैं।
‘ना उम्र की सीमा हो’ को बताया करियर का यादगार मोड़
दीपक्क दत्ता ने कई लोकप्रिय धारावाहिकों और फिल्मों में काम किया है। उन्होंने बताया कि धारावाहिक ‘ना उम्र की सीमा हो’ उनके अभिनय सफर के सबसे खास प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इसकी दिल को छू लेने वाली कहानी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्होंने इच्छा जताई कि अगर कभी इस धारावाहिक का अगला सीजन आता है, तो वे दोबारा इसका हिस्सा बनना चाहेंगे।
टेलीविजन और समाज का आईना
उम्र के अंतर वाली लव स्टोरीज की लोकप्रियता पर दीपक्क ने कहा कि यह विषय हमेशा से भारतीय समाज और सिनेमा का हिस्सा रहा है। टीवी उद्योग समाज की हकीकतों से प्रेरणा लेता है। उनका मानना है कि यह नियम केवल प्रेम संबंधों पर ही नहीं, बल्कि दोस्ती और अन्य रिश्तों पर भी लागू होता है, जहां अलग-अलग उम्र के लोग भी एक-दूसरे के बेहतरीन साथी बन सकते हैं।
संवाददाता: साहिल यादव