बिहार

पटना में शिक्षकों का बड़ा हुजूम: ‘शिक्षा बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ सचिवालय से विधानसभा तक निकाली पदयात्रा |

सचिवालय से विधानसभा तक गूंजे शिक्षकों के नारे

बिहार की राजधानी पटना में बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) की ओर से राज्यव्यापी आह्वान पर एक विशाल पदयात्रा आयोजित की गई। संघ की पटना जिला इकाई के बैनर तले “शिक्षा बचाओ, देश बचाओ” के आह्वान के साथ शिक्षकों ने सचिवालय से विधानसभा (सप्तमूर्ति) के मुख्य द्वार तक पैदल मार्च किया। यह पदयात्रा आगे चलकर एक विशाल आमसभा में परिवर्तित हो गई।

सरकार की नीतियों पर जताई नाराजगी

प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि समानुपातीकरण की आड़ में शिक्षकों को सरप्लस (अधिशेष) बताकर उनका जबरन ट्रांसफर किया जा रहा है। इसके साथ ही शिक्षकों के आवास भत्ते में की गई कटौती और टीईटी (TET) परीक्षा की शर्त रखकर उन्हें पदोन्नति से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी कि भूमिहीन और भवनहीन का हवाला देकर विद्यालयों को समाप्त करने और समायोजन करने का खेल बंद होना चाहिए।

शिक्षा के निजीकरण और बाजारीकरण के खिलाफ हुंकार

महासंघ ने शिक्षा व्यवस्था के बाजारीकरण, व्यावसायीकरण और निजीकरण पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। संघ की मुख्य मांग है कि शिक्षकों पर जबरन थोपी गई TET परीक्षा और सरप्लस के आधार पर किए जाने वाले तबादलों की नीति को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।

सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए संघ के प्रतिनिधि

इस पदयात्रा में महासंघ (गोप गुट) के महासचिव कॉमरेड प्रेमचंद कुमार सिन्हा, पूर्व महासचिव कॉ. प्रदीप राय, सुमित कुमार उर्फ चुन्नू, राज्य सचिव नसीम अहमद, रवींद्र कुमार, नसीम अख्तर, जफर अंसारी, संजर अंसारी, असलम अंसारी, गौतम मुनी, जय प्रकाश, अशोक कुमार, संजय कुमार पाल, अमृतोष कुमार, रंजन कुमार, अमित कुमार, श्रवण कुमार, रुस्तम आलम, शाहिद आलम, सुरेंद्र कुमार दास, रंजन कुमार गोस्वामी, संजय कुमार, रियाज अहमद, अनवर आलम, सोहराब सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।

(रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद – तृप्ति प्रमाण)

विनोद प्रसाद

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