12 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रों ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन, 10 दिन में समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी |

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कुलपति ने प्रबंध अध्ययन संकाय का किया निरीक्षण, छात्रों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही शैक्षणिक, मूलभूत एवं प्रशासनिक समस्याओं को लेकर मंगलवार को छात्रों ने कुलपति के समक्ष अपनी मांगें रखीं। छात्रा नेत्री ईश्विका सिंह के नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।

छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन से वे इन समस्याओं को लेकर कई बार संवाद कर चुके हैं और समाधान का आश्वासन भी मिला है, लेकिन उनके अनुसार कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।

शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर छात्रों की मांग

छात्रों का कहना था कि किसी विश्वविद्यालय की पहचान केवल भवनों और निर्माण कार्यों से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली शिक्षा, शिक्षक, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और मूलभूत सुविधाओं से होती है।

छात्रों ने कक्षों की व्यवस्था, बैठने के लिए पर्याप्त मेज-कुर्सियां, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, आवश्यक पुस्तकें और प्रयोगात्मक शिक्षा जैसी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उठाईं।

कुलपति ने मौके पर पहुंचकर जानी स्थिति

कुलपति ने छात्रों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को सुना और आश्वासन दिया कि वे स्वयं परिसर में पहुंचकर समस्याओं की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद कुलपति प्रबंध अध्ययन संकाय पहुंचे और छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

इस दौरान कुलसचिव विनोद कुमार तथा प्रबंध अध्ययन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अविनाश पार्थिडकर भी मौजूद रहे।

संकाय में छात्रों ने कक्ष व्यवस्था, मेज-कुर्सियों, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, संगणक प्रयोगशाला, पुस्तकालय और शिक्षण व्यवस्था से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। छात्रों का कहना था कि विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के बावजूद उसके अनुरूप कक्षों और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार नहीं हो पाया है, जिससे अध्ययन-अध्यापन प्रभावित हो रहा है।

शैक्षणिक भ्रमण शुल्क का मुद्दा भी उठा

छात्रों ने शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर विद्यार्थियों से लिए गए चार हजार रुपये शुल्क का विषय भी उठाया। उन्होंने मांग की कि जिन विद्यार्थियों को भ्रमण की सुविधा नहीं मिली है, उनके जमा शुल्क के संबंध में नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए।

इसके अलावा छात्रवृत्ति के लिए शुल्क जमा करने से संबंधित भ्रम को दूर करने के लिए स्पष्ट लिखित निर्देश जारी करने की मांग भी की गई।

पांच वर्षों के खर्च का विवरण मांगने की मांग

छात्रों ने प्रबंध अध्ययन संकाय में पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान सुविधाओं, मरम्मत, निर्माण, फर्नीचर एवं उपकरण आदि पर आवंटित और खर्च की गई धनराशि का मदवार एवं कार्यवार विवरण उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

10 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी

छात्रों ने कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक छात्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

ज्ञापन सौंपे जाने और कुलपति द्वारा मौके पर पहुंचकर छात्रों से संवाद किए जाने के दौरान विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा

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