पालघर, तृप्ति प्रमाण: वाढवण पोर्ट परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए जिला प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है। भूमि अधिग्रहण का मुआवजा अब ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से बांटा जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने मुआवजा खाते को निजी बैंक से हटाकर सरकारी स्वामित्व वाले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है।
निजी बैंक से सरकारी बैंक में ट्रांसफर होगा खाता
जिला प्रशासन के अनुसार, दहाणू सक्षम प्राधिकरण (CALA) के भूमि अधिग्रहण मुआवजा खाते को शिफ्ट करने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मौजूदा निजी बैंक से धनराशि ट्रांसफर करने का काम चल रहा है। जल्द ही पालघर CALA का खाता भी यूनियन बैंक में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
पारदर्शिता और आसान बैंकिंग सुविधाओं के लिए उठाया कदम
प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि मुआवजा बांटने का कानूनी नियम और सक्षम प्राधिकरण की निगरानी पहले जैसी ही जारी रहेगी। लेकिन सरकारी बैंक होने से लोगों का भरोसा बढ़ेगा और बैंकिंग सुविधाएं आसान होंगी। यूनियन बैंक का नेटवर्क बहुत बड़ा है और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मुआवजा बांटने का इसका व्यापक अनुभव है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में भी इस बैंक ने सफलतापूर्वक काम किया है। परियोजना प्रभावित गांवों के आसपास बैंक की शाखाएं भी मौजूद हैं।
अफवाहों और ठगों से रहें सावधान
प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि कुछ असामाजिक तत्व मुआवजे को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया की फर्जी खबरों, दलालों या अनधिकृत लोगों के दावों पर बिल्कुल भरोसा न करें। मुआवजे से जुड़ी सही जानकारी सिर्फ जिला प्रशासन, भूमि अधिग्रहण कार्यालय या अधिकृत बैंक प्रतिनिधियों से ही लें। अगर कोई व्यक्ति मुआवजा दिलाने के बदले पैसे या कमीशन मांगे, तो उसकी शिकायत तुरंत अधिकारियों को करनी चाहिए।
क्षेत्र के विकास की उम्मीद
वाढवण पोर्ट देश के बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिससे इलाके में रोजगार और आर्थिक विकास की बड़ी संभावनाएं हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक मुआवजा बिना किसी परेशानी के मिलेगा। इसके लिए प्रभावित गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बैंकिंग प्रक्रिया और दस्तावेजों की पूरी जानकारी दी जाएगी।