बाढ़ व बारिश से बेहाल मीरगंज के किसानों के हक में उतरी आजाद अधिकार सेना |

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जिला अध्यक्ष लादेन मंसूरी ने एसडीएम निधि शुक्ला को सौंपा ज्ञापन, फसल मुआवजा समेत 8 प्रमुख मांगें रखीं

मीरगंज, बरेली | संवाददाता: लादेन मंसूरी

अतिवृष्टि और रामगंगा नदी की बाढ़ से प्रभावित मीरगंज तहसील क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को लेकर आजाद अधिकार सेना के जिला अध्यक्ष लादेन मंसूरी ने कार्यकर्ताओं के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम निधि शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने नष्ट हुई फसलों का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को 10 हजार रुपये प्रति बीघा की दर से मुआवजा देने की मांग की।

लादेन मंसूरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से वार्ता के दौरान भारी बारिश, जलभराव और नदी के कटान से किसानों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। संगठन के अनुसार, कई किसानों की खरीफ फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों और संपर्क मार्गों को भी नुकसान पहुंचा है।

ज्ञापन के माध्यम से आजाद अधिकार सेना ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखीं।

किसानों के लिए मुआवजे की मांग

संगठन ने जलभराव से नष्ट हुई धान की फसल का पारदर्शी सर्वेक्षण यानी गिरदावरी कराने और प्रभावित किसानों को नियमानुसार 10 हजार रुपये प्रति बीघा की आर्थिक सहायता एवं मुआवजा देने की मांग की।

रामगंगा नदी के कटान से जिन किसानों की कृषि योग्य भूमि प्रभावित या विलीन हुई है, उन्हें आपदा राहत कोष के तहत उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।

चीनी मिल और गन्ना किसानों का मुद्दा

खेतों में गिरी गन्ने की फसल को खराब होने से बचाने के लिए संगठन ने मीरगंज चीनी मिल का पेराई सत्र समय से पहले शुरू कराने की मांग रखी।

इसके साथ ही जलभराव के कारण बेसहारा पशुओं के सामने उत्पन्न चारे के संकट को देखते हुए गौशालाओं को सुचारू करने तथा चारे और चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई।

रास्तों की मरम्मत और ऋण वसूली पर राहत

अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त ग्रामीण मार्गों, रास्तों और पुलियों की संबंधित विभागों से तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

संगठन ने प्राकृतिक आपदा को देखते हुए किसानों के सरकारी और व्यावसायिक बैंकों के ऋण की वसूली फिलहाल स्थगित करने की मांग की।

इसके अलावा प्रभावित किसानों के बकाया बिजली बिलों में राहत देने तथा आगामी दिसंबर तक के बिजली बिलों को स्थगित या माफ करने के लिए शासन को संस्तुति भेजने की मांग की गई।

नि:शुल्क बीज-खाद और आवास की मांग

आगामी रबी सीजन में गेहूं की बुवाई के लिए पात्र आपदा प्रभावित किसानों को सरकारी केंद्रों के माध्यम से नि:शुल्क प्रमाणित बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की गई।

बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को तत्काल आर्थिक सहायता देने तथा पात्र परिवारों को शासकीय आवास योजना के तहत पक्के मकान स्वीकृत कराने की मांग भी रखी गई।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कराकर इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया, ताकि प्रभावित किसानों और ग्रामीण परिवारों को समय पर राहत मिल सके।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सैयद जीशान, कमाल हसन, राजा हुसैन, बिलाल हुसैन और मुनतियाज हुसैन खान सहित संगठन के पदाधिकारी और स्थानीय किसान मौजूद रहे।

संवाददाता: लादेन मंसूरी
स्थान: मीरगंज, बरेली
तृप्ति प्रमाण

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