‘विजन 2030’ के तहत ब्लू इकॉनमी को मिलेगी नई रफ्तार
पटना: बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित ‘विजन 2030’ की बैठक के दौरान ‘बिहार मत्स्य प्राथमिकता परियोजना’ की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में बिहार को देश के अग्रणी अंतर्देशीय मत्स्य (Inland Fisheries) उत्पादक राज्यों की श्रेणी में शामिल करने, उत्पादन में चरणबद्ध वृद्धि करने, नए रोजगार व आय के अवसर पैदा करने और राज्य की ब्लू इकॉनमी को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
8 जिलों में विशेष मत्स्य क्लस्टरों का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विजन 2030’ के तहत उत्पादन से लेकर वैल्यू एडिशन (मूल्यवर्धन) तक पूरी मत्स्य वैल्यू चेन को सुदृढ़ किया जाएगा। एनडीए (NDA) सरकार द्वारा 8 प्राथमिकता परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के सीवान, सारण, मुंगेर, भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, मिथिला और मोतिहारी में विशेष मत्स्य क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
50,200 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
इन परियोजनाओं के तहत 1,848.75 हेक्टेयर के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप क्षेत्र और 9,357 हेक्टेयर के परियोजना प्रभाव क्षेत्र को विकसित करने की योजना है। इसके जरिए 50,200 मीट्रिक टन अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के अंतर्गत आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग से पूरी सप्लाई व वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा।
रिपोर्ट: विनोद प्रसाद, ब्यूरो चीफ (तृप्ति प्रमाण)