गोपचरपाड़ा गांजा मामले में HDIL रेसिडेंसी पार्क की भूमिका पर सवाल |

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F विंग के निवासियों ने पुलिस और नारकोटिक्स विभाग को शिकायत देकर CCTV व पार्किंग रिकॉर्ड की जांच की मांग की

विरार। विरार पूर्व के गोपचरपाड़ा-मकवाना क्षेत्र में मादक पदार्थों के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद मामले के तार विरार पश्चिम स्थित HDIL रेसिडेंसी पार्क, फेज-2 से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। इसी संबंध में सोसायटी की F विंग के कुछ निवासियों ने पुलिस अधिकारियों और नारकोटिक्स विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की है।

जब्त वाहनों की पार्किंग को लेकर सवाल

शिकायत के अनुसार, 18 सितंबर को नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई में गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों की कथित बिक्री के मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। कार्रवाई के दौरान कुछ वाहन भी जब्त किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।

शिकायतकर्ताओं ने जिन वाहनों का उल्लेख किया है, उनमें MH 48 DD 0045 XUV 500, MH 48 DM 4500 Thar Roxx और MH 48 DK 0045 Royal Enfield शामिल हैं।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि ये वाहन लंबे समय तक HDIL रेसिडेंसी पार्क की F विंग परिसर में पार्क किए जाते थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ सोसायटी पदाधिकारियों या संबंधित लोगों को इन वाहनों की पार्किंग की जानकारी थी।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। केवल किसी परिसर में वाहन के पार्क होने से उसके मालिक या किसी व्यक्ति की मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधि में संलिप्तता स्वतः साबित नहीं होती।

CCTV और पार्किंग रिकॉर्ड की जांच की मांग

F विंग के शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से सोसायटी के CCTV फुटेज, पार्किंग रिकॉर्ड और वाहनों की आवाजाही की जांच करने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी अनुरोध किया है कि जांच के दौरान यह पता लगाया जाए कि कथित तौर पर जब्त किए गए वाहन सोसायटी परिसर में कब और किसके माध्यम से पार्क किए गए थे तथा उनकी पार्किंग की अनुमति किसके द्वारा दी गई थी।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया

शिकायत में सोसायटी में रहने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

साथ ही, मामले में किसी निर्दोष व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर जिम्मेदार न ठहराते हुए उपलब्ध CCTV फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच किए जाने की मांग की गई है।

पुलिस और सोसायटी प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी

फिलहाल इस मामले में पुलिस और सोसायटी प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मामले में CCTV फुटेज, पार्किंग रिकॉर्ड और जब्त वाहनों से संबंधित दस्तावेज जांच का हिस्सा बनते हैं या नहीं, यह संबंधित जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा।

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