जौनपुर (तृप्ति प्रमाण)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की फर्जी टीम बनाकर मेडिकल स्टोर और डिस्पेंसरी संचालकों को चूना लगाने वाले एक शातिर ठग को शाहगंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी खुद को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय का सदस्य बताकर ग्रामीण इलाकों में क्लीनिक सीज करने की धमकी देता था और बदले में मोटी रकम वसूलता था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कुंवर अनुपम सिंह द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।
डिस्पेंसरी सीज करने की धमकी देकर ऐंठे थे पैसे
यह पूरा मामला शाहगंज थाना क्षेत्र के नटौली का है। आजमगढ़ जिले के ग्राम सैदपुर निवासी लक्ष्मीशंकर यादव यहां अपनी डिस्पेंसरी और मेडिकल स्टोर संचालित करते हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि 11 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 2:00 बजे उनकी डिस्पेंसरी पर तीन अज्ञात व्यक्ति पहुंचे। इन लोगों ने खुद को जौनपुर सीएमओ की चेकिंग टीम का अधिकारी बताया। उन्होंने लक्ष्मीशंकर की डिस्पेंसरी को अवैध बताते हुए उसे तुरंत सीज करने की धमकी दी।
इस कानूनी कार्रवाई से बचने के बदले में जालसाजों ने पहले ₹20,000 की मांग की। पीड़ित द्वारा इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताने पर आरोपी ₹5,000 पर अड़ गए और अंततः डरा-धमकाकर ₹3,000 जबरन वसूल कर वहां से रफूचक्कर हो गए। बाद में पीड़ित को पता चला कि यह गैंग इलाके के कई अन्य क्लीनिकों और मेडिकल स्टोर संचालकों को भी इसी तरह निशाना बना चुका है।
नटौली के पास से दबोचा गया शातिर अपराधी
पीड़ित की तहरीर पर शाहगंज पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) और क्षेत्राधिकारी शाहगंज के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह की अगुवाई वाली टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त रामनिवास गौतम को नटौली के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के अंतर्गत छतरपुर गांव का रहने वाला है।
पुराना आपराधिक इतिहास, भेजा गया जेल
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त रामनिवास गौतम एक शातिर किस्म का अपराधी है। उसके खिलाफ जौनपुर के गौराबादशाहपुर थाने में पहले से ही दंगा भड़काने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और जबरन वसूली (मु0अ0सं0 707/2017) जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी कर उसे संबंधित न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस कामयाबी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह के साथ उप-निरीक्षक ओम प्रकाश पांडेय और रिक्रूट कांस्टेबल धीरज पांडेय शामिल रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट: दिलीप कुमार (तृप्ति प्रमाण)