पुरानी पेंशन बहाली और सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करने की उठाई मांग, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
जौनपुर (संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा): शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर सोमवार को गांधी स्मारक पीजी कॉलेज, समोधपुर में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। फुपुक्टा के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में महाविद्यालय के शिक्षकों ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज उठाई।
प्रदर्शन के दौरान आयोजित विरोध सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से लगातार अनदेखी किए जाने के कारण शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है।
पुरानी पेंशन और वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने, पदोन्नति की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना शिक्षकों के भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। वहीं, वेतन विसंगतियों और पदोन्नति की जटिल प्रक्रिया के कारण भी शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
शिक्षक प्रतिनिधियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फुपुक्टा की मांगों पर शीघ्र गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश स्तर पर संघर्ष को नई दिशा दी जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस विरोध प्रदर्शन में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षक संघ के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा
तृप्ति प्रमाण न्यूज़ पोर्टल


