लार ही नहीं, इलाज है” – डॉ. मीना अग्रवाल का आयुर्वेदिक रहस्य |

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🩺 लार की उपयोगिता | Dr. Meena Agrawal, Agra

लेखिका: डॉ. मीना अग्रवाल, नेचुरोपैथी विशेषज्ञ, आगरा

हमारे शरीर में प्रत्येक एक अंग या पदार्थ का कोई न कोई महत्व होता है। लेकिन कई ऐसे रहस्य भी हैं, जिनके बारे में लोगों को सही जानकारी नहीं होती। आज हम आपको लार के अद्भुत फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो ना सिर्फ इलाज कर सकती है, बल्कि रोगों से भी बचा सकती है।

🔍 लार क्या है?

लार शरीर की सबसे शक्तिशाली प्राकृतिक औषधि मानी जाती है। हमारे मुंह में 1 लाख से अधिक ग्रंथियां होती हैं जो लार का उत्पादन करती हैं। यह मुख्य रूप से जठरांत्र संबंधी क्रियाओं में सहायता करती है, लेकिन इसके ठीक होने वाले गुण इसे एक चमत्कारी द्रव बनाते हैं।

सुबह की लार विशेष रूप से शक्तिशाली होती है।

इसका pH मान लगभग 8.4 होता है, जो इसे क्षारीय और शुद्धतम बनाता है।

💧 लार के चमत्कारिक फायदे:

✅ घावों को ठीक करे

लार में 18 ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो घावों को जल्दी भरने में सहायक होते हैं। जानवर भी अपने घावों को लार लगाकर ही ठीक करते हैं।

👉 15-20 दिनों में घाव भरना शुरू हो जाता है, और 3 महीने में पूरी तरह ठीक हो जाता है।

✅ त्वचा के दाग-धब्बे दूर करे

लार को सुबह के समय त्वचा पर लगाने से दाग-धब्बे खत्म हो जाते हैं। यह त्वचा के नए कोशिकाओं के निर्माण में मदद करती है।

✅ आंखों की रोशनी बढ़ाए

सुबह की लार आंखों में लगाने से रोशनी बढ़ती है। नेत्र रोग जैसे लालिमा, आंखों की थकान और कमजोर दृष्टि में भी लाभ होता है।

👉 लाल आंखों की समस्या 24 घंटे में दूर हो सकती है।

✅ आंखों के नीचे काले घेरे दूर करे

रोज सुबह लार लगाने से आंखों के नीचे काले घेरे धीरे-धीरे गायब होने लगते हैं।

🧴 टूथपेस्ट से सावधान!

अधिकांश टूथपेस्ट में सोडियम लॉरेल सल्फेट जैसे केमिकल्स होते हैं, जो लार की ग्रंथियों को सूखा देते हैं। इसके स्थान पर प्राकृतिक विकल्पों का उपयोग करें।

उदाहरण:

नीम की छाल चबाना

मिट्टी का उपयोग दांत साफ करने में

🌿 सही पान खाएं – स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

खाने वाले पान का चयन सावधानी से करें:

कथा, सुपारी और तंबाकू वाले पान से बचें , क्योंकि यह कैंसर का कारण बन सकते हैं।

देसी पान में:

गेहूं के एक दाने जितना चूना

सौंफ, अजवाइन, बड़ी इलायची मिलाकर खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है।

गहरे रंग की वनस्पतियां – प्राकृतिक रूप से कैंसर, मधुमेह, अस्थमा सहित कई बीमारियों से लड़ती हैं।

⏰ ब्रह्म मुहूर्त की लार – सर्वोत्तम समय

सुबह उठते ही अपनी मुंह की बासी लार का उपयोग करें – यह सबसे शुद्ध और ऊर्जावान होती है। इसका उपयोग स्वास्थ्य लाभों के लिए किया जा सकता है।

⚠️ लेकिन इसके बाद करीब 48 मिनट बाद लार की क्षारीयता कम हो जाती है।

🙌 अंत में…

शरीर के प्रत्येक अंग और द्रव का प्रकृति द्वारा निर्धारित कोई न कोई उद्देश्य होता है। लार भी उसी का एक अहम हिस्सा है। इसे न सिर्फ नुकसानदायक मानकर थूकना नहीं चाहिए, बल्कि इसके लाभों को समझकर इसका सही उपयोग करना चाहिए।

“स्वास्थ्य ही धन है ” – डॉ. मीना अग्रवाल

🔍 लेखक: डॉ. मीना अग्रवाल

📍 आगरा

🌿 नेचुरोपैथी एवं आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ

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