पराग यादव
पालघर:
डिजिटल इंडिया अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से पालघर में एक बड़ी शुरुआत की गई है। शहर के विष्णु नगर स्थित कांचन इम्पीरियल में एक हाईटेक और सर्वसुविधायुक्त ‘आधार सेवा केंद्र’ का भव्य उद्घाटन किया गया। इस केंद्र का शुभारंभ महाराष्ट्र के वन मंत्री तथा पालघर जिले के पालक मंत्री गणेश नाईक के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। उद्घाटन के दौरान पालक मंत्री ने कहा कि यह नया और आधुनिक केंद्र स्थानीय नागरिकों को बेहद तेज, पारदर्शी और आसान तरीके से आधार से जुड़ी सेवाएं देगा, जिससे लोगों के समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
सात दिन खुला रहेगा केंद्र, बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं
आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस आधार सेवा केंद्र को सप्ताह के सातों दिन खुला रखा जाएगा। यहाँ नागरिक कई तरह की सेवाओं का लाभ एक ही जगह उठा सकेंगे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- नए आधार कार्ड के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन)
- 5 से 17 वर्ष तक के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (पूरी तरह निःशुल्क)
- नाम, पता, मोबाइल नंबर और जन्मतिथि में सुधार/संशोधन
- आधार से जुड़ी शिकायतों का तत्काल और प्रभावी निवारण
दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था और ऑनलाइन बुकिंग
इस केंद्र को पूरी तरह यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए यहाँ व्हीलचेयर और सुलभ शौचालय की व्यवस्था की गई है। साथ ही केंद्र के बेहतर संचालन के लिए एक विशेष प्रबंधक (मैनेजर) की नियुक्ति भी की गई है। नागरिकों को लंबी लाइनों में न लगना पड़े, इसके लिए यूआईडीएआई (UIDAI) के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए एडवांस अपॉइंटमेंट (समय आरक्षित) लेने की सुविधा दी गई है। लोग ‘भुवन आधार पोर्टल’ के माध्यम से इस केंद्र की लोकेशन आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। इसके अलावा, आने वाले समय में स्कूली छात्रों के लिए विभिन्न विद्यालयों में जाकर विशेष बायोमेट्रिक अपडेट कैंप भी लगाए जाएंगे।
उद्घाटन समारोह में गणमान्य हस्तियों की रही उपस्थिति
इस गौरवमयी अवसर पर क्षेत्र के कई प्रमुख जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। समारोह में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, विधायक हरिश्चंद्र भोये सहित पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे उपस्थित थे। इनके साथ ही यूआईडीएआई (मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय) के निदेशक कर्नल अक्षय यादव, महाराष्ट्र शासन और प्रोटियन ई-गव टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
यूआईडीएआई के अधिकारियों के मुताबिक, देश के सभी आधार केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन किया जाता है। मजबूत डेटा सिक्योरिटी और तय समय सीमा के भीतर शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था के साथ यह केंद्र काम करेगा, ताकि हर नागरिक की डिजिटल पहचान पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनी रहे।