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वसई-विरार में बाढ़ से हाहाकार: स्थायी समाधान के लिए विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने CM से की खास बैठक की मांग, प्रभावितों के लिए मांगी 4 दिन की पेड लीव |

वसई:

मूसलाधार बारिश के चलते वसई-विरार क्षेत्र में पैदा हुए बाढ़ के गंभीर हालातों पर अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों को जलजमाव और बाढ़ से निजात दिलाने के लिए वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से व्यक्तिगत मुलाकात कर एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। विधायक ने इस गंभीर संकट के परमानेंट सॉल्यूशन (स्थायी समाधान) के लिए मुख्यमंत्री की अगुवाई में सभी मुख्य विभागों की एक इमरजेंसी कंबाइंड मीटिंग (संयुक्त विशेष बैठक) बुलाने का पुरजोर आग्रह किया है।

हर साल की मुसीबत से कब मिलेगी मुक्ति?

विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने अपने ज्ञापन में इस बात पर गहरी चिंता जताई कि वसई-विरार के लोगों को हर साल मॉनसून में बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है। इस जलप्रलय के कारण न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त होता है, बल्कि लोगों की संपत्ति, यातायात व्यवस्था और स्थानीय व्यापार को भी भारी नुकसान पहुंचता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए राजस्व विभाग, नगर विकास, लोक निर्माण विभाग (PWD), एमएसआरडीसी (MSRDC), भारतीय रेलवे, वसई-विरार महानगरपालिका और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जैसे तमाम महकमों को एक मंच पर आना होगा। इन सभी विभागों को मिलकर एक लॉन्ग-टर्म मास्टर प्लान (दीर्घकालिक कार्ययोजना) तैयार करने की सख्त जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने दिया जल्द बैठक का भरोसा

विधायक की इस न्यायसंगत मांग को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वसई-विरार में ड्रेनेज और बाढ़ की समस्या की जमीनी समीक्षा करने के लिए वे बहुत जल्द सभी संबंधित विभागों की एक विशेष संयुक्त बैठक का आयोजन करेंगे।

नौकरीपेशा और शिक्षकों के लिए 4 दिनों की ‘सवेतन छुट्टी’ की मांग

मुलाकात के दौरान विधायक स्नेहा दुबे ने पिछले पांच दिनों से ठप पड़ी रेलवे सेवाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। लोकल ट्रेनें प्रभावित होने के कारण मुंबई आने-जाने वाले हजारों नौकरीपेशा लोगों, फैक्ट्री वर्कर्स, व्यापारियों, छात्रों और विशेष रूप से वसई-विरार से मुंबई जाकर पढ़ाने वाले शिक्षकों को भारी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है।

इस मानवीय संकट को देखते हुए विधायक ने राज्य सरकार से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित निजी कंपनियों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए कम से कम चार दिनों की ‘सवेतन विशेष छुट्टी’ (Paid Leave) घोषित की जाए, ताकि उनकी सैलरी न कटे।

उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि अब समय आ गया है जब राज्य सरकार को युद्धस्तर पर काम करते हुए वसई-विरार के नागरिकों को इस सालाना मुसीबत से हमेशा के लिए आजादी दिलानी चाहिए।

संवाददाता: साहिल यादव (तृप्ति प्रमाण)

Sahil Yadav

Senior Journalist & Chief Editor covering breaking national and international news stories.