मनपा की नाकामी या निजी प्रयास?
वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में जर्जर सड़कों और जानलेवा गड्ढों से जूझ रही जनता के बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विरार पूर्व के नारंगी क्षेत्र में बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) के नगरसेवक सदानंद पाटील ने मनपा के भरोसे रहने के बजाय खुद के खर्च पर सीमेंट मिक्सर मंगवाकर सड़क के गड्ढों की मरम्मत कराई।
सड़क पर उतरी सीमेंट मिक्सर मशीन
सोमवार को नगरसेवक सदानंद पाटील अपने समर्थकों और मजदूरों के साथ नारंगी इलाके की मुख्य सड़क पर पहुंचे। उन्होंने कंक्रीट मिक्सर की मदद से बड़े-बड़े गड्ढों को भरवाया। काम के दौरान कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने राहत मिलने पर इस पहल का स्वागत किया।
विपक्ष का तीखा हमला: अपनी ही सरकार में क्यों मजबूरी?
इस घटनाक्रम के बाद शहर की राजनीति तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि वसई-विरार महानगरपालिका में बविआ की सत्ता होने के बावजूद अगर उनकी ही पार्टी के जनप्रतिनिधि को जेब से पैसे लगाकर काम कराना पड़ रहा है, तो यह मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली और नाकामी को उजागर करता है।
जनसेवा या सोशल मीडिया स्टंट पर छिड़ी बहस
सदानंद पाटील की सोशल मीडिया पर सक्रियता को देखते हुए शहर में इस बात की भी चर्चा है कि यह मुहिम जनसेवा से ज्यादा पब्लिसिटी और सुर्खियां बटोरने का एक जरिया है।
मामले पर चुटकी लेते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ब्रह्मदेव सिंह राजन ने कहा कि दिखावा करने वाले नगरसेवक ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह वही बेहतर समझ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को सोशल मीडिया पर रील बनाने वाले प्रतिनिधियों की नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने वाले जिम्मेदार नेताओं की जरूरत है।