विज्ञापन और होर्डिंग नीति पर विपक्षी नेता मनोज पाटील ने महासभा में प्रशासन से मांगा जवाब
विरार, 23 सितंबर 2026।
रिपोर्टर – तृप्ति प्रमाण
वसई-विरार शहर महानगरपालिका की सितंबर माह की महासभा में विज्ञापन और होर्डिंग नीति को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। विपक्षी नेता मनोज पाटील ने आरोप लगाया कि पुराने प्रशासनिक प्रस्ताव के आधार पर बार-बार निविदा प्रक्रिया अपनाए जाने से महानगरपालिका को करोड़ों रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हो सकता है।
महासभा में मुद्दा उठाते हुए मनोज पाटील ने दावा किया कि महानगरपालिका के विज्ञापन विभाग की मौजूदा निविदा प्रक्रिया वर्ष 2020 के पुराने प्रशासनिक प्रस्ताव पर आधारित है। उनका कहना था कि वर्ष 2026 में भी इसी पुराने प्रस्ताव के आधार पर तीन बार निविदा प्रक्रिया किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई है।
नई नीति बनाने की मांग
मनोज पाटील ने मांग की कि विज्ञापन और होर्डिंग से संबंधित पूरे विषय को नए सिरे से महासभा के समक्ष रखा जाए और जनप्रतिनिधियों की राय ली जाए। उन्होंने प्रशासन से मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर नई और स्पष्ट विज्ञापन-होर्डिंग नीति तैयार करने की मांग की।
VVMC की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, महानगरपालिका का विज्ञापन विभाग विज्ञापन एवं फलक नियंत्रण से जुड़े नियमों के तहत विज्ञापनों को नियंत्रित करने और विज्ञापन लाइसेंस शुल्क लगाने का अधिकार रखता है।
अवैध और खतरनाक होर्डिंग का सर्वे कराने की मांग
महासभा में शहर में लगे अवैध और संभावित रूप से खतरनाक होर्डिंग का मुद्दा भी उठाया गया। पाटील के अनुसार, निजी और सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में होर्डिंग लगे हुए हैं, लेकिन महानगरपालिका के पास शहर में कितने वैध और कितने अवैध होर्डिंग हैं, इसका आधिकारिक सर्वे उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने प्रशासन से शहर में लगे होर्डिंग का तत्काल सर्वेक्षण कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले होर्डिंग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
संयुक्त समिति को लेकर सवाल
होर्डिंग से जुड़े मामलों में राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और महानगरपालिका के बीच समन्वय का मुद्दा भी महासभा में उठाया गया। मनोज पाटील ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वसई-विरार में संबंधित विभागों की संयुक्त समिति गठित की गई है। यदि समिति गठित नहीं हुई है तो इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग भी की गई।
राजस्व बढ़ाने और शहर के विद्रुपीकरण पर नियंत्रण की मांग
मनोज पाटील ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था से एक ओर महानगरपालिका के संभावित राजस्व पर असर पड़ सकता है, जबकि दूसरी ओर अनियंत्रित और संभावित रूप से खतरनाक होर्डिंग से शहर के सौंदर्यीकरण तथा नागरिक सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठते हैं।
उन्होंने निजी और सार्वजनिक जमीनों पर लगाए जाने वाले होर्डिंग के लिए सर्वसमावेशक और स्पष्ट नीति तैयार कर उसे तत्काल महासभा के समक्ष प्रस्तुत करने की मांग की।
इस बीच, सितंबर 2026 में VVMC की ओर से विभिन्न जोनों में विज्ञापन बोर्ड और होर्डिंग लगाने से संबंधित निविदाएं जारी की गई हैं। आधिकारिक निविदा विवरण के अनुसार, A-B-C जोन 1, D-E-F जोन 2 और G-H-I जोन 3 के लिए अलग-अलग निविदा प्रक्रियाएं चल रही हैं।
मनोज पाटील की ओर से उठाए गए सवालों पर प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद इस मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर – तृप्ति प्रमाण




