मीरगंज से AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे लईक अहमद मंसूरी, कांग्रेस से दिया इस्तीफा |

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मीरगंज/बरेली। मीरगंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में एक बार फिर बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। वरिष्ठ नेता लईक अहमद मंसूरी ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बताया गया है कि उन्होंने अपने इस्तीफे की सूचना कांग्रेस जिलाध्यक्ष को फोन, व्हाट्सएप और पत्र के माध्यम से भेज दी है।

कांग्रेस से अलग होने के बाद लईक अहमद मंसूरी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू करने की बात कही है। उनके अनुसार, उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी से दूरभाष पर बातचीत कर मीरगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई और टिकट की मांग की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लईक अहमद मंसूरी के राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में जनसंपर्क को देखते हुए असदुद्दीन ओवैसी की ओर से उन्हें टिकट देने का आश्वासन मिलने की बात कही गई है। इसके बाद ओवैसी के निर्देश पर लईक अहमद मंसूरी ने रविवार को AIMIM के जिलाध्यक्ष असलम खान से मुलाकात की और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

36 वर्षों का राजनीतिक सफर

लईक अहमद मंसूरी मीरगंज क्षेत्र के पुराने और अनुभवी नेताओं में शामिल रहे हैं। उनका राजनीतिक सफर 1991 से सक्रिय रहा है।

  • 1991: निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहला संसदीय चुनाव लड़ा।
  • 2009: अपना दल के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा।
  • 2012: इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा।
  • 2014: नैतिक पार्टी के प्रत्याशी के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा।
  • 2017: भारतीय ईमानदार पार्टी के बैनर तले विधानसभा चुनाव लड़ा।
  • 2019: नैतिक पार्टी से दोबारा संसदीय चुनाव लड़ा।
  • 2022: वंचित समाज इंसाफ पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा।

पुराने चुनावी रिकॉर्ड में भी लईक अहमद मंसूरी का मीरगंज विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर उल्लेख मिलता है।

अब AIMIM में शामिल होने के बाद मीरगंज विधानसभा क्षेत्र में आगामी 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। लईक अहमद मंसूरी के नए राजनीतिक कदम से क्षेत्र में चुनावी समीकरण किस दिशा में जाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण

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