नालासोपारा

वसई-विरार में 1300 एकड़ जमीन पर आर्थिक विकास केंद्र बनाने की मांग: बीकेसी की तर्ज पर बनेगा बिजनेस हब, 5 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार |

बीकेसी की तर्ज पर सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट बनाने की सिफारिश

नालासोपारा: वसई-विरार शहर में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने और क्षेत्र के सुनियोजित आर्थिक विकास के लिए 1300 एकड़ सरकारी जमीन को एमएमआरडीए (MMRDA) को सौंपकर बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) की तर्ज पर ‘सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट’ एवं आर्थिक विकास केंद्र स्थापित करने की मांग उठी है। यह मांग भाजपा विधायक राजन नाईक ने पालघर के पालकमंत्री गणेश नाईक के समक्ष आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में रखी।

रोजगार के लिए मुंबई-ठाणे पर निर्भरता होगी खत्म

मंत्रालय में वसई-विरार उपक्षेत्र के विकास और बाढ़ नियंत्रण उपायों को लेकर हुई बैठक में विधायक राजन नाईक ने कहा कि शहर की आबादी 30 लाख से अधिक हो चुकी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार न होने के कारण युवाओं को मुंबई, ठाणे और बोईसर का रुख करना पड़ता है। प्रस्तावित आर्थिक केंद्र में ग्रीन डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, आईटी बिजनेस पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, शिक्षा, स्वास्थ्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर विकसित करने का सुझाव दिया गया है।

बाढ़ नियंत्रण, बड़ा निवेश और 5 लाख नौकरियों का लक्ष्य

परियोजना के साथ-साथ बाढ़ नियंत्रण पर ध्यान देते हुए 1300 एकड़ में से लगभग 15 प्रतिशत (195 एकड़) जमीन को ‘होल्डिंग पोंड’ के लिए आरक्षित रखने और वसई खाड़ी की ड्रेजिंग कराने की मांग भी की गई है। विधायक के अनुसार, इस मास्टर प्लान से क्षेत्र में 25 से 40 हजार करोड़ रुपये का निजी निवेश आएगा, एमएमआरडीए को 50 हजार करोड़ तक का राजस्व मिलेगा और 3 से 5 लाख स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

Sanjay Jaiswal

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